महावितरण विवाद! दो महीने से वेतन नहीं, होली पर भी नहीं मिली सैलरी

    12-Mar-2026
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नागपुर।
नागपुर में बिजली वितरण व्यवस्था से जुड़े संविदा कर्मचारियों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। Maharashtra State Electricity Distribution Company Limited (महावितरण) के अधीन काम करने वाले बिजली सबस्टेशनों के रखरखाव से जुड़े संविदा कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि होली जैसे बड़े त्योहार के दौरान भी उनके खातों में सैलरी नहीं आई, जिससे उनके परिवारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों में इसको लेकर भारी नाराजगी है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो वे काम बंद करने पर मजबूर हो सकते हैं।

329 सबस्टेशनों का मेंटेनेंस, कंपनी पर गंभीर आरोप
Maharashtra State Electricity Workers Federation के अनुसार विदर्भ क्षेत्र में लगभग 329 बिजली सबस्टेशनों के रखरखाव का ठेका Krystal Company के पास है। इसमें नागपुर ग्रामीण के सावनेर डिवीजन के सबस्टेशन भी शामिल हैं। फेडरेशन के अध्यक्ष Mohan Sharma ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने दो महीनों से संविदा कर्मचारियों का वेतन रोक रखा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कंपनी का संबंध एक स्थानीय विधायक से है और उसके परिवार के सदस्य कंपनी के निदेशकों में शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों को लेकर अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

हड़ताल की चेतावनी
संविदा कर्मचारी दिन-रात उच्च जोखिम वाले कार्य करते हैं, जिनमें बिजली सबस्टेशनों की मरम्मत और रखरखाव शामिल है। इसके बावजूद पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने से कई कर्मचारियों के परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। यूनियन नेताओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी महावितरण के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी, जिन्होंने सात दिनों के भीतर बकाया वेतन जारी करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे हड़ताल पर जा सकते हैं। यूनियन का कहना है कि यदि काम बंद हुआ तो नागपुर जिले और विदर्भ के कई हिस्सों में बिजली वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, जिससे यह मामला श्रमिक विवाद से बढ़कर बिजली संकट का रूप ले सकता है।