गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में स्लीपर सेल का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार

    05-Feb-2026
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- राजधानी में खालिस्तान समर्थक नारे, स्पेशल सेल की त्वरित कार्रवाई

Sleeper cell bustedImage Source:(Internet) 
नई दिल्ली।
गणतंत्र दिवस (Republic Day) से ठीक पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खालिस्तानी स्लीपर सेल से जुड़े दो कथित ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार कर बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। आरोपियों पर राजधानी में सार्वजनिक स्थानों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखकर भय का माहौल बनाने और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी एंबुलेंस चालक बलजिंदर और उसके सहयोगी रोहित उर्फ किरत के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों ने अलग-अलग स्थानों पर “खालिस्तान जिंदाबाद” जैसे नारे लिखे थे, जो 26 जनवरी से पहले सामने आए। इस घटनाक्रम ने गणतंत्र दिवस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी थी। खुफिया सूचनाओं के आधार पर स्पेशल सेल ने स्थानों की पुष्टि की और विशेष अभियान चलाकर आरोपियों को धर दबोचा।
 
पन्नुन के खिलाफ एफआईआर, गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में प्रतिबंधित संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’ (SFJ) के संस्थापक और खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नुन के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, जिनमें धारा 196 (समूहों के बीच वैमनस्य फैलाना), धारा 197 (राष्ट्रीय एकता के प्रतिकूल आरोप), धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्य) और धारा 61 (आपराधिक साजिश) शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों से यह संकेत मिलता है कि यह गणतंत्र दिवस के दौरान राजधानी में अस्थिरता फैलाने की सुनियोजित कोशिश थी। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी स्थानीय स्तर पर काम कर रहे थे और कथित तौर पर विदेश में बैठे खालिस्तानी तत्वों से प्रभावित या निर्देशित थे।
 
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां, जांच जारी
यह पहला मौका नहीं है जब गणतंत्र दिवस से जुड़े मामलों में पन्नुन का नाम सामने आया हो। इससे पहले 23 जनवरी को भी दिल्ली पुलिस ने एक सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर पन्नुन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें उसने गणतंत्र दिवस समारोह को बाधित करने की धमकी दी थी। वीडियो में यह दावा किया गया था कि रोहिणी और डाबरी जैसे इलाकों में खालिस्तान समर्थक पोस्टर लगाए गए हैं। हालांकि, स्पेशल सेल की मौके पर की गई जांच में बताए गए स्थानों पर ऐसे पोस्टर नहीं मिले। इसके बावजूद पुलिस ने धमकी को गंभीरता से लिया, क्योंकि खालिस्तानी संगठन पहले भी राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों के दौरान प्रतीकात्मक गतिविधियों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते रहे हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।