शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर वोट न करने की अपील, एकनाथ शिंदे के बयान से राजनीतिक हलचल

    05-Feb-2026
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- सोलापुर में शिंदे की सभाएं बनीं चर्चा का केंद्र

Eknath ShindeImage Source:(Internet) 
सोलापुर।
जिला परिषद चुनावों के मद्देनजर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बुधवार को बार्शी और मोहोळ तालुका में जनसभाएं की, जिन्होंने पूरे राज्य का ध्यान खींचा। बार्शी की सभा में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के विधायक दिलीप सोपल की मंच पर मौजूदगी ने सियासी चर्चाओं को हवा दी, वहीं मोहोळ में शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक राजू खरे ने एकनाथ शिंदे का स्वागत किया। इन घटनाओं के चलते शिंदे की दोनों सभाएं राजनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही हैं। बार्शी में शिंदे ने खुले मंच से दिलीप सोपल को अपने शिवसेना गुट में शामिल होने का प्रस्ताव दिया, जबकि मोहोळ में वे ‘तुतारी’ चुनाव चिन्ह वाले उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करते नजर आए।
 
“शिवसेना उम्मीदवार को वोट न दें” - बयान से मचा भ्रम
मोहोळ तालुका की नरखेड पंचायत समिति सीट पर शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दोनों गुटों के बीच गठबंधन है, लेकिन इसी सीट से गठबंधन के दो उम्मीदवार मैदान में उतरने से स्थिति पहले से ही उलझी हुई थी। इस बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “यहां शिवसेना के चुनाव चिन्ह वाले उम्मीदवार को वोट न दें, गठबंधन धर्म निभाएं।” शिवसेना के शीर्ष नेता द्वारा अपनी ही पार्टी के चुनाव चिन्ह पर वोट न करने की अपील ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी। बताया गया कि भाषण के दौरान स्थानीय शिवसेना नेता संतोष पाटिल ने शिंदे को एक पत्र सौंपा, जिसे पढ़ने के बाद उन्होंने मंच से स्पष्ट किया कि ज्योत्स्ना पाटील नरखेड गुट में शिवसेना की आधिकारिक उम्मीदवार नहीं हैं और यहां गठबंधन के निर्णय का पालन किया जाना चाहिए।
 
ज्योत्सना पाटिल पर सफाई
दरअसल, नरखेड पंचायत समिति सीट से शिंदे गुट की ओर से ज्योत्सना पाटिल और अजित पवार गुट की NCP की ओर से प्रगति दगडे चुनाव मैदान में हैं। बाद में यह सामने आया कि ज्योत्सना पाटिल भाजपा नेता राजन पाटिल की कार्यकर्ता हैं और उन्हें शिवसेना की ओर से नामांकन वापस लेने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने आवेदन वापस नहीं लिया। इसी कारण उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्वयं घोषणा कर दी कि ज्योत्सना पाटिल उनकी पार्टी की उम्मीदवार नहीं हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए NCP जिला अध्यक्ष उमेश पाटिल ने कहा कि नरखेड पंचायत समिति सीट पर शिवसेना–NCP गठबंधन की आधिकारिक उम्मीदवार प्रगति दगाडे ही हैं। शिंदे के बयान के बाद सोलापुर की राजनीति में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं और गठबंधन की रणनीति पर सवाल उठने लगे हैं।