एआई समिट में रोबोट डॉग को लेकर विवाद, विश्वविद्यालय पर उठे सवाल

    19-Feb-2026
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Robot dog controversy
 Image Source:(Internet)
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
गलगोटियास यूनिवर्सिटी को उस समय तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा, जब एक प्रोफेसर ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित रोबोट डॉग (Robot dog) को विश्वविद्यालय की खुद की उपलब्धि बताकर पेश किया। यह मामला हाल ही में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान सामने आया। विश्वविद्यालय की कम्युनिकेशन प्रोफेसर नेहा सिंह ने सरकारी प्रसारक डीडी न्यूज़ से बातचीत में रोबोट को “ओरियन” बताते हुए दावा किया कि इसे विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में विकसित किया गया है। लेकिन सोशल मीडिया पर तकनीकी विशेषज्ञों और यूजर्स ने तुरंत पहचान लिया कि यह रोबोट वास्तव में चीन की कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स का बनाया हुआ मॉडल है, जिसका व्यापक उपयोग दुनिया भर के शोध और शिक्षा संस्थानों में होता है। इसके बाद विश्वविद्यालय की प्रस्तुति पर सवाल उठने लगे और मामला तेजी से विवाद में बदल गया।
 
वीडियो वायरल, केंद्रीय मंत्री का पोस्ट भी हटाया गया
विवाद तब और बढ़ गया जब केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रस्तुति का वीडियो अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया। हालांकि आलोचना तेज होने पर यह पोस्ट बाद में हटा दिया गया। घटना के बाद विश्वविद्यालय और प्रोफेसर दोनों ने स्पष्ट किया कि रोबोट का निर्माण संस्थान ने नहीं किया और ऐसा कोई दावा भी आधिकारिक रूप से नहीं किया गया था। विश्वविद्यालय ने बयान जारी कर कहा कि उनका उद्देश्य भविष्य के इंजीनियर और शोधकर्ता तैयार करना है, जो आगे चलकर ऐसी तकनीक विकसित करेंगे। इस बीच, समिट में मौजूद विश्वविद्यालय के स्टॉल पर मीडिया और प्रतिनिधियों की भीड़ लग गई और अधिकारियों को लगातार स्पष्टीकरण देना पड़ा। प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्हें कार्यक्रम से हटाए जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और स्टॉल सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
 
 
विपक्ष का हमला, वैश्विक स्तर पर छवि पर सवाल
इस घटना ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में विदेशी तकनीक को भारतीय उपलब्धि बताकर देश को वैश्विक स्तर पर हास्यास्पद स्थिति में ला दिया गया है। विपक्ष ने इसे “शर्मनाक” और “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए सरकार की एआई नीति पर भी सवाल उठाए। आलोचकों का कहना है कि इस घटना ने भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं पर अनावश्यक संदेह पैदा किया है। हालांकि सरकार समर्थकों का तर्क है कि एक अलग घटना के आधार पर पूरे आयोजन की उपलब्धियों को कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।
 
 
वैश्विक एआई सम्मेलन, बड़े निवेश और शीर्ष हस्तियों की मौजूदगी
यह समिट नई दिल्ली में आयोजित किया गया है और इसे वैश्विक दक्षिण में आयोजित सबसे बड़े एआई सम्मेलनों में से एक माना जा रहा है। सम्मेलन में दुनिया भर के नेता, उद्योग विशेषज्ञ और तकनीकी कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए हैं। प्रमुख वक्ताओं में सुंदर पिचाई (गूगल), सैम ऑल्टमैन (ओपनएआई) और डारियो अमोदेई (एंथ्रोपिक) शामिल हैं। आयोजन के दौरान 100 अरब डॉलर से अधिक के निवेश प्रस्तावों की घोषणा भी हुई, जिसमें अडानी ग्रुप, माइक्रोसॉफ्ट और योट्टा जैसी कंपनियों की भागीदारी बताई गई है। हालांकि भीड़, प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कुछ चुनौतियां भी सामने आईं, फिर भी आयोजन को भारत की एआई क्षमता और वैश्विक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।