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एबी न्यूज़ नेटवर्क।
बाल (Child) संरक्षण टीम ने त्वरित और समन्वित कार्रवाई करते हुए बाल श्रम में संलिप्त तीन नाबालिगों दो लड़कों और एक लड़की को मुक्त कराया। यह कार्रवाई चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त शिकायत के आधार पर की गई। टीम ने रेलवे म्यूजियम क्षेत्र, कड़बी चौक के पास छापेमारी कर बच्चों को श्रम कार्य से बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों बच्चे बालाघाट से हैं, जो मध्य प्रदेश का जिला है। शिकायत मिलते ही टीम ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को सुरक्षित निकाला और तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई। अधिकारियों के अनुसार, बच्चों को श्रम में लगाए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच भी शुरू कर दी गई है।
काउंसलिंग और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू
रेस्क्यू के बाद बच्चों को काउंसलिंग प्रदान की गई ताकि वे मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस कर सकें। प्रशासन ने बताया कि उनके पुनर्वास और परिवार से संपर्क स्थापित करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत जिम्मेदार नियोक्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल श्रम की जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते बच्चों को शोषण से बचाया जा सके और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके।
अधिकारियों के नेतृत्व में चला अभियान
यह अभियान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेश्राम के मार्गदर्शन में चलाया गया। कार्रवाई का नेतृत्व जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान ने किया। इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधि अनिकेत भिवगड़े, मीनाक्षी धाड़ाडे, मंगला टेंभुर्णे और रंजीत कुंभारे ने सक्रिय सहयोग दिया। अधिकारियों ने कहा कि बाल अधिकारों की रक्षा के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।