नागपुर।
तेजी से बदलते शहरी भारत में बुनियादी ढांचे का विस्तार अब विकास की पहचान बन चुका है। इसी दिशा में महाराष्ट्र का प्रमुख शहर नागपुर एक और आधुनिक पहचान हासिल करने जा रहा है। शहर के व्यस्त अजनी (Ajni) रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहा अत्याधुनिक ट्विन केबल-स्टे रोड ओवर ब्रिज जल्द ही ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा। लगभग 125 वर्ष पुराने ब्रिटिश कालीन पुल की जगह लेने वाला यह भव्य पुल न केवल यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगा, बल्कि शहर की नई वास्तु पहचान भी बनेगा। इस परियोजना का निर्माण महाराष्ट्र रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है और इसे मानसून से पहले शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है।
दो चरणों में निर्माण, ट्रैफिक पर नहीं पड़ेगा असर
इस महत्वपूर्ण पुल के निर्माण को इस तरह से योजनाबद्ध किया गया है कि शहर की दैनिक आवाजाही बाधित न हो। परियोजना के पहले चरण में मौजूदा पुल के समानांतर तीन लेन का नया केबल-स्टे पुल बनाया जा रहा है, जबकि पुराने पुल से ट्रैफिक सामान्य रूप से चलता रहेगा। पहले चरण के पूरा होने के बाद यातायात नए पुल पर स्थानांतरित किया जाएगा और पुराने पुल को हटाकर दूसरे तीन लेन वाले पुल का निर्माण किया जाएगा। कुल छह लेन का यह ट्विन पुल दोनों दिशाओं में अलग-अलग ट्रैफिक प्रवाह सुनिश्चित करेगा, जिससे जाम की समस्या में स्थायी राहत मिलेगी और शहर के दक्षिण व मध्य हिस्सों के बीच यात्रा तेज और सुगम बनेगी।
इंजीनियरिंग का कमाल और पर्यटन का आकर्षण
करीब 332 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल में 52 मीटर ऊंचे पायलन और आधुनिक केबल-स्टे तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। पुल को केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे शहर का आकर्षक लैंडमार्क बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें रंगीन डायनेमिक एलईडी थीम लाइटिंग लगाई जाएगी, जिससे रात में पुल की भव्यता और बढ़ेगी। साथ ही पैदल यात्रियों के लिए विशेष सेल्फी पॉइंट बनाए जा रहे हैं, जहां से लोग शहर के बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर का नजारा देख सकेंगे।
राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन की बड़ी पहल
इस परियोजना की प्रगति को लेकर संस्था के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार जायसवाल ने जानकारी दी कि पुल को मानसून से पहले यातायात के लिए खोलने का लक्ष्य है। यह परियोजना राज्य में लेवल क्रॉसिंग समाप्त कर सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के व्यापक मिशन का हिस्सा है, जिसे महाराष्ट्र सरकार और रेल मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है। पूरा होने पर यह पुल नागपुर की जीवनरेखा साबित होगा और आधुनिक परिवहन ढांचे की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जाएगा।