India-France Meet 2026 : 30,000 स्टूडेंट टारगेट, वीज़ा-फ्री ट्रांजिट और AI पुश की घोषणा

    18-Feb-2026
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- भारत-फ्रांस संबंधों को नई दिशा
- वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का विस्तार

India-France Image Source:(Internet) 
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
भारत और France ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस प्रेसिडेंट एमैनुअल मैक्रोन के बीच उच्चस्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने संबंधों को “विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी” का दर्जा दिया। राष्ट्रपति मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं और इस दौरान वे विभिन्न वैश्विक तकनीकी व नवाचार मंचों में भी भाग ले रहे हैं। मुंबई में दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 की संयुक्त शुरुआत की, जिसका उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देना है। The Financial Express की रिपोर्ट के अनुसार, यह मैक्रों की चौथी भारत यात्रा है और प्रधानमंत्री मोदी की फरवरी 2025 की फ्रांस यात्रा के बाद दोनों देशों के संबंधों में निरंतर मजबूती देखी जा रही है।
 
शिक्षा सहयोग और छात्रों के लिए वीजा-मुक्त ट्रांजिट सुविधा
द्विपक्षीय वार्ता में शिक्षा प्रमुख एजेंडा के रूप में उभरी। दोनों देशों ने 2030 तक 30,000 भारतीय छात्रों को फ्रांस में पढ़ाई का अवसर देने का लक्ष्य तय किया है, जो वर्तमान संख्या से लगभग तीन गुना अधिक है। भारतीय नागरिकों के लिए फ्रांसीसी हवाई अड्डों से वीज़ा-मुक्त ट्रांजिट सुविधा शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है, जिसे शुरुआती छह महीनों के पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। Mumbai में स्थापित नए शैक्षणिक हब में ESSEC Business School और Centrale Supélec मिलकर काम करेंगे। साथ ही शैक्षणिक डिग्रियों की पारस्परिक मान्यता के समझौते को संशोधित करने पर भी चर्चा जारी है, जिससे छात्रों की शैक्षणिक गतिशीलता आसान होगी और फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया अधिक सरल बन सकेगी।
 
नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अनुसंधान में साझेदारी
भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 के तहत वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग को व्यापक रूप से बढ़ाया जाएगा। डिजिटल विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक द्विपक्षीय केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें INRIA और भारत का Department of Science and Technology मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुसंधान केंद्र की योजना भी बनाई गई है, जिसमें Sorbonne University, AIIMS New Delhi और Paris Brain Institute साझेदारी करेंगे। यह सहयोग स्वास्थ्य, तकनीक और सार्वजनिक नीति के संगम पर नए समाधान विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
 
व्यापार, डिजिटल भुगतान और वैश्विक मंचों पर सहयोग
दोनों देशों ने व्यापार और निवेश को मजबूत करने पर भी जोर दिया, खासकर स्टार्टअप, एमएसएमई और नवाचार आधारित उद्योगों में। डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस प्रणाली को फ्रांस में बढ़ती स्वीकार्यता मिली है, जिससे भारतीय पर्यटकों के लिए लेनदेन आसान हुआ है, विशेषकर Paris में। निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए द्विपक्षीय कर संधि में संशोधन पर भी सहमति बनी। साथ ही राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी को 2026 में फ्रांस में होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया, जिसे भारत ने वैश्विक आर्थिक स्थिरता और सहयोग को मजबूत करने के अवसर के रूप में देखा है।