नई राजनीतिक हलचल! राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे की खास मुलाकात

    18-Feb-2026
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Raj Thackeray and Eknath Shinde
 Image Source:(Internet)
मुंबई।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज ठाकरे और एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के बीच हुई ताज़ा मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। आज ठाणे में हुई यह बैठक करीब 20 से 25 मिनट चली, जिसमें स्थानीय राजनीति से लेकर हालिया चुनावी समीकरणों तक कई मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। गौरतलब है कि शिवसेना में विभाजन के बाद मुख्यमंत्री बनने पर राज ठाकरे ने शिंदे को बधाई दी थी और तब से दोनों नेताओं के बीच कई बार मुलाकात हो चुकी है। लोकसभा चुनाव के दौरान भी राज ठाकरे ने शिंदे गुट के उम्मीदवार श्रीकांत शिंदे के समर्थन में प्रचार किया था। हालांकि नगर निगम चुनावों में दोनों दल आमने-सामने थे, फिर भी राज ठाकरे ने शिंदे पर तीखी आलोचना से परहेज किया था।
 
KDMC चुनाव और समर्थन की सियासत
हालिया कल्याण डोंबिवली नगर निगम चुनावों के बाद यह मुलाकात और भी ज्यादा चर्चा में आ गई है। चुनाव में शिवसेना के शिंदे गुट ने सबसे ज्यादा सीटें हासिल की, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और ठाकरे गुट को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। खास बात यह रही कि चुनावी मुकाबले में भारतीय जनता पार्टी और शिंदे गुट के खिलाफ मैदान में उतरी मनसे ने मेयर चुनाव में शिंदे गुट का समर्थन कर सबको चौंका दिया। इसी समर्थन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे ने इस सहयोग के लिए राज ठाकरे का आभार जताया, जबकि राज ठाकरे ने भी नगर निगम सदन में आगे सहयोग जारी रखने का भरोसा दिया। इससे संकेत मिल रहे हैं कि स्थानीय सत्ता समीकरणों में नए राजनीतिक तालमेल की संभावना बन रही है।
 
प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदेश
इस मुलाकात पर सुषमा अंधारे ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एबीपी माझा से बातचीत में कहा कि इस बैठक को ज्यादा तूल देने की जरूरत नहीं है। उनके अनुसार, भले ही एकनाथ शिंदे विपक्षी नेता हों, लेकिन वे राज्य के उपमुख्यमंत्री भी हैं और राज ठाकरे एक प्रमुख पार्टी प्रमुख हैं, इसलिए दोनों नेताओं की मुलाकात स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी राजनीतिक दल के प्रमुख और राज्य के उपमुख्यमंत्री के बीच बैठक के पीछे कई प्रशासनिक या राजनीतिक कारण हो सकते हैं। फिलहाल इस मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों और संभावित रणनीतिक सहयोग को लेकर चर्चा को और तेज कर दिया है।