दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक महीने तक धरना-प्रदर्शन पर रोक!

    17-Feb-2026
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Delhi University
 Image Source:(Internet)
नई दिल्ली।
हालिया विवादों और बढ़ते तनाव को देखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) प्रशासन ने एक महीने तक सभी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैलियों और सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। युनिवर्सिटी के प्रॉक्टर कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कैंपस में अनियंत्रित भीड़ या प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, यातायात बाधित हो सकता है और जन-जीवन के लिए खतरा पैदा हो सकता है। आदेश के तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, मशाल या किसी भी प्रकार की खतरनाक सामग्री लाने, नारेबाजी करने और भाषण देने पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन का कहना है कि पहले भी कई बार प्रदर्शन बेकाबू हो चुके हैं, जिससे परिसर में तनाव और अव्यवस्था की स्थिति बनी है।
 
यूजीसी दिशानिर्देशों को लेकर विवाद के बाद फैसला
यह निर्णय हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया है, जिनमें नए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के इक्विटी दिशानिर्देशों को लागू करने की मांग की जा रही थी। हालांकि इन नियमों को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने फिलहाल स्थगित कर दिया है। अदालत ने इन प्रावधानों को “अत्यधिक अस्पष्ट” बताते हुए संभावित दुरुपयोग की आशंका जताई थी। अदालत ने कहा कि नियमों की भाषा स्पष्ट नहीं है और इसमें संशोधन की आवश्यकता है। फिलहाल 2012 के नियम लागू रहेंगे। नए प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य विश्वविद्यालयों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकना था और इसके तहत विशेष समितियां व हेल्पलाइन बनाने का प्रावधान था, जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की शिकायतों का समाधान किया जा सके।
 
कुलपति की अपील
यूनिवर्सिटी में बढ़ते तनाव के बीच कुलपति Yogesh Singh ने छात्रों और शिक्षकों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय देश के विभिन्न राज्यों और समुदायों के छात्रों का साझा शैक्षणिक केंद्र है, इसलिए सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने किसी भी ऐसी गतिविधि से बचने को कहा जो आपसी मतभेद बढ़ाए या विश्वविद्यालय और देश की छवि को नुकसान पहुंचाए। कुलपति ने हाल की घटनाओं को चिंताजनक बताते हुए कहा कि संवाद और शांति ही समस्याओं का समाधान है।
 
छात्र संगठनों के बीच टकराव, आरोप-प्रत्यारोप तेज
प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों के बीच टकराव भी सामने आया। वामपंथ समर्थित छात्र संगठन All India Students Association ने आरोप लगाया कि कुछ छात्रों को धमकाया गया और जातिसूचक टिप्पणियां की गईं। वहीं Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि एक महिला पत्रकार पर हमला किया गया। छात्र राजनीति से जुड़े इस विवाद ने कैंपस में तनाव और बढ़ा दिया, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया।
 
पत्रकार पर हमले का आरोप, जांच जारी
पत्रकार Ruchi Tiwari ने आरोप लगाया कि रिपोर्टिंग के दौरान भीड़ ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनकी पहचान पूछकर उन्हें धमकाया गया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें घेर लिया और हमला किया, जिसकी जांच की मांग की जा रही है। इन घटनाओं के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अस्थायी प्रतिबंध लागू किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम परिसर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए आवश्यक है। फिलहाल विश्वविद्यालय में स्थिति सामान्य रखने के प्रयास जारी हैं और प्रशासन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।