डीसीएम एकनाथ शिंदे पर गाए विवादित गाने सुनवाई टली!

    17-Feb-2026
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Eknath Shinde
 Image Source:(Internet)
मुंबई।
कुणाल कामरा औरर सुषमा अंधेरे मंगलवार महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव असेंबली की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश हुए। यह मामला उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) पर गाए गए एक व्यंग्य गीत से जुड़ा है। हालांकि, मूल शिकायतकर्ता प्रवीण दरेकर की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई टाल दी गई। समिति के अध्यक्ष प्रसाद लाड ने बताया कि अब अगली सुनवाई 10 मार्च को होगी, जब शिकायतकर्ता और आरोपित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। यह मामला उस व्यंग्य गीत से जुड़ा है जिसमें ‘ठाणे की रिक्शा, चेहरे पर दाढ़ी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
 
व्यंग्य गीत से विवाद, सोशल मीडिया पर भी चर्चा
बताया जा रहा है कि यह व्यंग्य गीत मुंबई के एक स्टूडियो में रिकॉर्ड किया गया था और बाद में सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया। इस गीत को लेकर राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रवीण दरेकर ने इस पर आपत्ति जताते हुए विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखा था। वहीं, शिवसेना (ठाकरे गुट) की नेता सुषमा अंधारे ने भी गीत को साझा किया था, जिसके बाद मामला और तूल पकड़ गया। शिकायत के बाद यह पहली बार था जब कमरा करीब एक साल बाद मुंबई पहुंचे और समिति के सामने उपस्थित हुए।
 
कामरा और अंधारे के बयान, आरोप-प्रत्यारोप तेज
पेशी के बाद कुणाल कामरा ने कहा कि वे संविधान का सम्मान करते हैं और समिति के समक्ष उपस्थित हुए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सुनवाई होगी, तब वे अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देंगे। वहीं सुषमा अंधारे ने आरोप लगाया कि कविता पढ़े जाने के बाद स्टूडियो में तोड़फोड़ की गई थी। उन्होंने कहा कि पहले शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाना चाहिए, उसके बाद ही उनका पक्ष सुना जाए। अंधारे ने यह भी आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री ने स्वयं विशेषाधिकार हनन का मुद्दा नहीं उठाया, बल्कि भाजपा नेताओं ने इस मामले को बार-बार चर्चा में बनाए रखने के लिए इसे आगे बढ़ाया।
 
अब 10 मार्च को बयान होंगे दर्ज
समिति अध्यक्ष प्रसाद लाड ने स्पष्ट किया कि कानून के प्रावधानों के अनुसार पहले शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाएगा और उसके बाद अन्य पक्षों की गवाही ली जाएगी। चूंकि प्रवीण दरेकर उपस्थित नहीं थे, इसलिए आज किसी का बयान दर्ज नहीं किया गया। अब 10 मार्च को दरेकर, सुषमा अंधारे और कुणाल का रा तीनों के बयान क्रमशः दर्ज किए जाएंगे। इस मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है और अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।