Image Source:(Internet)
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
बीड जिले के विकास को नई दिशा देने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट होने की जरूरत है। यह भावुक अपील पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) ने जिला नियोजन समिति की बैठक में की। उपमुख्यमंत्री एवं पालकमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में मुंडे ने कहा कि वर्षों से अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा करने का यह सही समय है। उन्होंने उपस्थित सदस्यों से आग्रह किया कि वे सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में मजबूती से खड़े रहें और जिले के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर काम करें। स्वर्गीय अजित पवार के निधन के बाद यह पहली बैठक थी, जिससे माहौल भावनात्मक बना रहा। बैठक की शुरुआत में मुंडे ने अजित पवार को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया।
अजितदादा मेरे लिए पिता की तरह थे – धनंजय मुंडे
धनंजय मुंडे ने अपने संबोधन में स्वर्गीय अजित पवार के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों को याद करते हुए कहा कि वे हमेशा उनके लिए बड़े भाई और मार्गदर्शक की तरह रहे। उनके अचानक निधन से न केवल उन्हें व्यक्तिगत क्षति हुई है, बल्कि बीड जिले के विकास को भी बड़ा झटका लगा है। मुंडे ने कहा कि अजित पवार ने अल्प समय में जिले के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। उन्होंने विशेष रूप से संत भगवानबाबा शासकीय वसतिगृह योजना का उल्लेख किया, जिसके अंतर्गत बीड जिले में 11 छात्रावासों के निर्माण के लिए 159 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। मुंडे ने कहा कि इस योजना को लेकर अजित पवार ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया था।
सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में पहली जिला नियोजन बैठक
अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है और उनके पास उन जिलों का पालकमंत्री पद भी है, जिनकी जिम्मेदारी पहले अजित पवार संभाल रहे थे। उनकी अध्यक्षता में बीड जिला नियोजन समिति की यह पहली बैठक थी, जिससे इसे विशेष महत्व प्राप्त हुआ। सुनेत्रा पवार ने मुंबई से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया और विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बीड और पुणे दोनों जिलों की नियोजन समितियों की बैठक लेकर विकास योजनाओं को गति देने के संकेत दिए। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी जिले के विकास के लिए समन्वय से काम करने का भरोसा जताया।