केंद्रीय बजट 2026-27: रक्षा क्षेत्र को बड़ी मजबूती! 7.8 लाख करोड़ का आवंटन

01 Feb 2026 16:19:22
- रक्षा बजट में 15% की बढ़ोतरी, आधुनिकीकरण पर विशेष जोर

defense sector 
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट (Budget) 2026-27 में रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है। इसमें से 2.19 लाख करोड़ रुपये रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए पूंजीगत व्यय (कैपिटल आउटले) के तहत रखे गए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में कैपिटल आउटले में 21.84 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 1.80 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2.19 लाख करोड़ रुपये हो गया है। रक्षा मंत्रालय के तहत राफेल लड़ाकू विमानों, पनडुब्बियों और मानव रहित हवाई वाहनों (ड्रोन) जैसे बड़े प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं, जिससे देश की सैन्य क्षमताओं को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
 
रक्षा सेवाओं और पेंशन बजट में भी इजाफा
बजट के अनुसार, रक्षा सेवाओं (राजस्व) के लिए 3,65,478.98 करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय के लिए 2,19,306.47 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो क्रमशः 17.24 प्रतिशत और 21.84 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। वहीं, रक्षा पेंशन के लिए 1,71,338.22 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पूर्व वर्ष की तुलना में अधिक है। हालांकि, रक्षा बजट (सिविल) में हल्की कटौती देखने को मिली है और इसे पिछले वर्ष के 28,554.61 करोड़ रुपये की तुलना में 0.45 प्रतिशत कम किया गया है। इसके बावजूद, कुल मिलाकर रक्षा क्षेत्र को सरकार की प्राथमिकताओं में शीर्ष स्थान मिलता नजर आ रहा है।
 
कस्टम ड्यूटी में छूट और निर्यात को बढ़ावा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि रक्षा क्षेत्र की इकाइयों द्वारा विमानों के रखरखाव, मरम्मत और निर्माण में उपयोग होने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी से छूट दी जाएगी। इसके अलावा, अमेरिकी टैरिफ के जवाब में व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित वस्तुओं पर शुल्क 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। समुद्री खाद्य निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए ड्यूटी-फ्री इनपुट्स की सीमा को पिछले वर्ष के निर्यात कारोबार के एफओबी मूल्य के 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत किया गया है। साथ ही, जूते के अपर (शू-अपर) के निर्यात और लिथियम-आयन बैटरी निर्माण से जुड़े पूंजीगत सामानों पर भी कस्टम ड्यूटी में छूट का प्रस्ताव रखा गया है। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रिकॉर्ड नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश किया।
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