केंद्रीय बजट 2026-27: क्या हुआ महंगा, क्या हुआ सस्ता? आम जनता पर सीधा असर

    01-Feb-2026
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Budget
 Image Source:(Internet)
नई दिल्ली :
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार, 1 फरवरी 2026 को संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट (Budget) 2026-27 पेश किया। बजट भाषण में उन्होंने गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, निवेश को बढ़ावा और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस बजट में जीएसटी सरलीकरण, बुनियादी ढांचे का विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार, महिला सशक्तिकरण तथा पर्यटन क्षेत्र को विशेष प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया है। बजट के कई प्रावधानों का सीधा असर आम नागरिक की रोजमर्रा की जिंदगी और खर्चों पर पड़ेगा, जहां कुछ वस्तुएं महंगी हुई हैं तो कई क्षेत्रों को राहत भी दी गई है।
 
महंगाई और राहत: जेब पर दोहरा असर
बजट में तंबाकू और सिगरेट के दाम बढ़ाने का ऐलान किया गया है, वहीं पान मसाले पर अलग से उपकर (सेस) लगाया गया है, जिससे ये उत्पाद महंगे होंगे। दूसरी ओर, कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं पर कर घटाने की घोषणा से दवाइयों के सस्ते होने की संभावना है, जो आम लोगों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। कृषि, पर्यावरण और मत्स्य पालन क्षेत्र में भी कई नई योजनाएं लाई गई हैं। कर्नाटक और केरल में कछुओं के घोंसलों के संरक्षण के लिए विशेष योजनाएं, चंदन उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन, देशभर में मत्स्य विकास हेतु 500 ‘अमृत जलाशय’, और तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन व काजू उत्पादन को बढ़ावा देने की घोषणा की गई है।
 
विकास, रोजगार और भविष्य की दिशा
शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में सीधे नौकरी सृजन के लिए उच्चस्तरीय समितियों के गठन, पूर्वी भारत में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना और हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास बनाने का फैसला लिया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकारी व निजी क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने, तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और देश के पांच स्थानों पर मेडिकल हब विकसित करने की घोषणा हुई है। रेल और परिवहन में मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी सहित सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, आत्मनिर्भर भारत के लिए 2000 करोड़ रुपये, 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, ग्रामीण महिलाओं के लिए ‘शी-मार्ट’, पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु मेडिकल टूरिज्म नीतियां और पूर्वोत्तर में बौद्ध सर्किट का विकास जैसे कदम बजट को विकास और रोजगार केंद्रित बनाते हैं।
 
क्या महंगा हुआ है?
तंबाकू और सिगरेट की कीमतों में बढ़ोतरी
पान मसाला पर अलग से सेस लगाया गया
 
क्या सस्ता हुआ है?
-कैंसर और डायबिटीज की दवाओं पर टैक्स कम किया गया
-सस्ती दवाओं की संभावना
-खेती, पर्यावरण और मछली पालन
- कर्नाटक और केरल में कछुओं के घोंसलों के संरक्षण के लिए खास स्कीम
- चंदन का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन
- देश भर में मछली पालन के लिए 500 'अमृत जलाशय'
- तटीय इलाकों में नारियल, चंदन और काजू के उत्पादन को बढ़ावा
- शिक्षा और रोजगार
- शिक्षा के जरिए सीधे रोजगार पैदा करने के लिए हाई-लेवल कमेटियों का गठन
- पूर्वी भारत में नेशनल डिजाइन इंस्टीट्यूट की घोषणा
- हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनाने का फैसला
- हेल्थ सर्विस
- सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में एक्सपर्ट डॉक्टरों का निर्माण
- 3 नए ऑल इंडिया आयुर्वेद इंस्टीट्यूट
- देश में 5 जगहों पर मेडिकल हब बनाए जाएंगे
- रेलवे और ट्रांसपोर्ट
- 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा, जिसमें बड़े रूट:
मुंबई-पुणे
पुणे-हैदराबाद
हैदराबाद-बेंगलुरु
दिल्ली-वाराणसी
वाराणसी-सिलीगुड़ी
इंफ्रास्ट्रक्चर
- 5 लाख से ज़्यादा आबादी शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर का डेवलपमेंट
- आत्मनिर्भर भारत के लिए 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
- अगले 5 सालों में 20 नए नेशनल वॉटरवे
महिलाएं और ग्रामीण विकास
- ग्रामीण महिलाओं के लिए 'SHE-MART' पहल
- 'खेलो इंडिया' मिशन की शुरुआत
- 15 आर्कियोलॉजिकल साइट्स का डेवलपमेंट
- राज्यों के लिए इकोनॉमी और फंड
फाइनेंस मिनिस्टर का दावा है कि भारत की इकोनॉमी स्टेबल है
- 2027 में राज्यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये की ग्रांट बांटना
टूरिज्म - मेडिकल टूरिज्म के लिए नई पॉलिसी
- भारत में पहला वर्ल्ड टाइगर कॉन्फ्रेंस
- वर्ल्ड-क्लास ट्रेकिंग डेस्टिनेशन डेवलप करने का इरादा
- नॉर्थ-ईस्ट इंडिया में बुद्धिस्ट सर्किट डेवलप करने का प्लान