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नई दिल्ली:
आज से यानी 1 फरवरी 2026 से सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं, क्योंकि सरकार ने बजट (Budget) 2026‑27 के तहत इन पर नई टैक्स व्यवस्था लागू कर दी है। इसमें सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और पान मसाला पर हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस शामिल है, जो पहले की 28% GST और कंपेनसेशन सेस की व्यवस्था के स्थान पर लागू हुआ है।
सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नया टैक्स ढांचा
नए नियम के मुताबिक, सिगरेट की लंबाई और प्रकार के आधार पर एक्साइज ड्यूटी 2.05 से 8.50 रूपये प्रति सिगरेट स्टिक के बीच लगाई जाती है, जो 40% GST के ऊपर अतिरिक्त टैक्स है। छोटे नॉन‑फिल्टर सिगरेट (65 मिमी तक) पर लगभग 2.05 रुपये प्रति स्टिक का टैक्स होगा, जबकि छोटे फिल्टर सिगरेट पर यह लगभग 2.10 रूपये प्रति स्टिक है। मध्य लम्बाई (65‑70 मिमी) सिगरेट पर लगभग 3.6‑4 रुपये प्रति स्टिक तथा लंबे प्रीमियम सिगरेट (70‑75 मिमी) पर लगभग 5.4 रूपये प्रति स्टिक अतिरिक्त टैक्स लगेगा। सबसे ऊंचा टैक्स 8.50 रुपये प्रति स्टिक उन असामान्य या विशेष डिजाइन वाले सिगरेट पर लागू होगा, जिनमें अधिकांश लोकप्रिय ब्रांड शामिल नहीं हैं। तंबाकू से जुड़े अन्य उत्पादों पर भी टैक्स में बदलाव किए गए हैं। चबाने वाले तंबाकू और जर्दा‑सेंटेड तंबाकू पर लगभग 82% एक्साइज ड्यूटी, जबकि गुटखा पर 91% टैक्स लागू होगा। पान मसाला पर कुल टैक्स बोझ लगभग 88% बनी रहेगी, जिसमें नया सेस शामिल है।
नया MRP‑आधारित टैक्स और अनुपालन नियम
1 फरवरी से कई तंबाकू उत्पादों के लिए MRP‑आधारित वैल्यूएशन सिस्टम भी लागू हुआ है, जिसके तहत GST अब पैकेट पर लिखे रिटेल सेल प्राइस के आधार पर लगाया जाएगा, न कि फैक्ट्री मूल्य के आधार पर। पान मसाला निर्माताओं को नए हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस कानून के तहत नया रजिस्ट्रेशन लेना होगा और पैकिंग मशीनों पर CCTV सिस्टम इंस्टॉल करना होगा तथा फुटेज कम से कम 24 महीनों तक रखना होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से तंबाकू और पान मसाले के सेवन को कम करना और साथ ही राजस्व संग्रह सुधारना है। टैक्स से होने वाली आय राज्यों के बीच फाइनेंस कमीशन के नियमों के अनुसार साझा की जाएगी।