- गहरी नींद, कब्ज और मानसिक तनाव हो सकते हैं कारण; डांटने या शर्मिंदा करने के बजाय बच्चे को समझें
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नागपुर। बच्चों का रात में सोते समय बिस्तर गीला Bedwetting कर देना कई परिवारों के लिए चिंता का विषय होता है। उम्र बढ़ने के साथ भी यदि बच्चा रात में पेशाब पर नियंत्रण नहीं रख पाता, तो माता-पिता परेशान हो जाते हैं। कई बार इस स्थिति में बच्चे को डांटा जाता है या उसके व्यवहार को लापरवाही समझ लिया जाता है। हालांकि, चिकित्सकीय दृष्टि से यह समस्या हमेशा बच्चे के नियंत्रण में नहीं होती। इसे नॉक्टर्नल एन्यूरिसिस कहा जाता है। इसके पीछे शरीर में हार्मोन के स्तर में बदलाव, मूत्राशय का पूरी तरह विकसित न होना या नींद के दौरान पेशाब की जरूरत महसूस होने पर भी न जाग पाना जैसे कारण हो सकते हैं। ऐसे में माता-पिता के लिए जरूरी है कि वे बच्चे को दोष देने के बजाय समस्या के संभावित कारणों को समझें और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
रात में अधिक पेशाब बनना और गहरी नींद भी वजह
बच्चों में बिस्तर गीला करने के पीछे कई शारीरिक कारण हो सकते हैं। सामान्य रूप से रात के समय शरीर में ऐसा हार्मोन बनता है, जो पेशाब बनने की मात्रा को कम करने में मदद करता है। कुछ बच्चों में इस हार्मोन का स्तर कम होने से रात में अधिक पेशाब बन सकता है, जिससे सुबह तक मूत्राशय को नियंत्रित रखना मुश्किल हो जाता है। वहीं, कुछ बच्चे गहरी नींद में सोते हैं और मूत्राशय भर जाने के बावजूद उनकी नींद नहीं खुलती। आनुवंशिक कारण भी इसमें भूमिका निभा सकते हैं। यदि माता-पिता को बचपन में यह समस्या रही हो, तो बच्चों में भी इसकी आशंका बढ़ सकती है। इसलिए हर बार बिस्तर गीला करने को आदत या अनुशासन की कमी मानना सही नहीं है।
कब्ज और मानसिक तनाव से भी बढ़ सकती है समस्या
बच्चों में कब्ज भी बिस्तर गीला करने का एक संभावित कारण है। आंतों में मल जमा होने से मूत्राशय पर दबाव पड़ सकता है, जिससे पेशाब पर नियंत्रण रखने में परेशानी हो सकती है। इसके अलावा, भावनात्मक तनाव के कारण भी यह समस्या शुरू हो सकती है या कुछ समय तक रात में बिस्तर सूखा रहने के बाद दोबारा सामने आ सकती है। नया स्कूल, घर बदलना, परिवार में बड़े बदलाव या किसी तनावपूर्ण अनुभव का असर बच्चे की दिनचर्या और व्यवहार पर पड़ सकता है। ऐसे में माता-पिता को बच्चे के व्यवहार में आए बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। उसे डांटने, दूसरे बच्चों से तुलना करने या दूसरों के सामने शर्मिंदा करने के बजाय सहज माहौल देना जरूरी है, ताकि वह बिना डर अपनी परेशानी बता सके।
5 साल के बाद भी समस्या रहे तो लें डॉक्टर की सलाह
यदि बच्चा 5 साल की उम्र के बाद भी नियमित रूप से बिस्तर गीला करता है, तो माता-पिता को डॉक्टर से परामर्श लेने पर विचार करना चाहिए। खासकर तब, जब बच्चा कई महीनों तक रात में बिस्तर गीला नहीं करता था, लेकिन अचानक यह समस्या फिर शुरू हो जाए। पेशाब करते समय दर्द या परेशानी होना, बहुत ज्यादा प्यास लगना और दिन में बार-बार पेशाब आना जैसे लक्षण भी चिकित्सकीय जांच की जरूरत का संकेत हो सकते हैं। डॉक्टर बच्चे के लक्षणों और स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन कर उचित सलाह या उपचार सुझा सकते हैं। माता-पिता को समझना चाहिए कि यह समस्या हमेशा बच्चे के बस में नहीं होती। धैर्य, भावनात्मक सहयोग और समय पर चिकित्सकीय सलाह से समस्या को समझने और बच्चे के आत्मविश्वास को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।