नागपुर एयरपोर्ट पर बनेगी देश की सबसे लंबी टैक्सीवे! MIHAN–SEZ परियोजना के तहत बड़ा विस्तार प्रस्तावित

31 Jan 2026 20:34:23
 
 MIHAN-SEZ project
 Image Source:(Internet)
नागपुर।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, नागपुर देश के विमानन मानचित्र पर एक नई उपलब्धि दर्ज करने की तैयारी में है। MIHAN–SEZ परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित विस्तार के बाद नागपुर एयरपोर्ट की टैक्सीवे देश की सबसे लंबी टैक्सीवे बनने जा रही है। पहले टैक्सीवे को इसासनी स्थित एविएशन हब तक 1,400 मीटर तक बढ़ाने की योजना थी, लेकिन अब इसमें अतिरिक्त 600 मीटर जोड़ने का प्रस्ताव दिया गया है। इस विस्तार के बाद लिंक टैक्सीवे की कुल लंबाई 2 किलोमीटर हो जाएगी, जिससे यह परियोजना और भी महत्वपूर्ण बन गई है।
 
कुल लंबाई 5.4 किलोमीटर, लागत बढ़कर 150 करोड़
वर्तमान टैक्सीवे को मिलाकर नागपुर एयरपोर्ट की कुल टैक्सीवे लंबाई 5,400 मीटर हो जाएगी, जो इसे भारत की सबसे लंबी एयरपोर्ट टैक्सीवे बनाएगी। दिसंबर 2024 में MIHAN–SEZ के सेक्टर-10 तक 1,400 मीटर लिंक टैक्सीवे के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी, जिसका कार्य 2025 के अंत तक स्वीकृत हुआ। अब एविएशन हब में बढ़ती कंपनियों की रुचि को देखते हुए अतिरिक्त 600 मीटर विस्तार का प्रस्ताव भेजा गया है, जिसे जल्द ही हरी झंडी मिलने की संभावना है। पहले इस परियोजना की लागत करीब 100 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन लंबाई बढ़ने के बाद यह खर्च लगभग 150 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
 
एविएशन हब के लिए 300 एकड़ भूमि चिन्हित
MIHAN–SEZ परियोजना के तहत तेल्हारा झील के पास स्थित 500 एकड़ क्षेत्र में से करीब 300 एकड़ भूमि को एविएशन हब के लिए आरक्षित किया गया है। टैक्सीवे विस्तार से इस क्षेत्र का रणनीतिक महत्व और बढ़ जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, लिंक टैक्सीवे के पूरा होने के बाद सेक्टर-10 में उपलब्ध खाली जमीन को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी में इजाफा होने की उम्मीद है। इससे न केवल नागपुर एयरपोर्ट का विकास तेज होगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
 
शिवनगांव रोड गेट बंद होने की तैयारी
मौजूदा 3.4 किलोमीटर लंबी टैक्सीवे, जो एयरपोर्ट को एयर इंडिया और इंडामर एमआरओ सुविधाओं से जोड़ती है, उस पर स्थित शिवनगांव रोड गेट को इस वर्ष के अंत तक बंद किए जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय बजट के बाद शिवनगांव में शेष 350 मकानों का पुनर्वास किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी होते ही गेट को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा और पूरी टैक्सीवे एयरपोर्ट के परिचालन क्षेत्र में शामिल हो जाएगी। यह कदम सुरक्षा और संचालन दोनों दृष्टि से एयरपोर्ट के लिए अहम माना जा रहा है।
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