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मुंबई:
महाराष्ट्र की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार (Sunetra Pawar) ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे इस पद पर आसीन होने वाली राज्य की पहली महिला नेता बन गई हैं। राजभवन में आयोजित शपथग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख नेता, मंत्री, विधायक और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। महिला नेतृत्व को नई पहचान दिलाने वाली यह नियुक्ति न केवल एनसीपी के लिए बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति के लिए भी एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला राज्य की सत्ता संरचना में संतुलन और समावेशिता का प्रतीक है।
विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से चयन
शपथग्रहण से पूर्व मुंबई में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायकों की एक महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक हुई। इस बैठक में सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से पार्टी का विधानमंडल दल नेता चुना गया। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा सौंप दिया, जिससे उनके राज्य की कार्यकारी राजनीति में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ। बैठक में दो अहम निर्णय लिए गए—पहला, विधानमंडल दल की कमान सुनेत्रा पवार को सौंपी गई और दूसरा, पार्टी से जुड़े सभी प्रमुख नीतिगत व राजनीतिक निर्णय लेने का अधिकार उन्हें प्रदान किया गया। इन दोनों प्रस्तावों को उपस्थित सभी विधायकों ने एकमत से समर्थन दिया।
अजित पवार के बाद नेतृत्व की जिम्मेदारी
पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद पार्टी और सरकार दोनों के सामने नेतृत्व को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। राजनीतिक गलियारों में कई नामों पर चर्चा चल रही थी, लेकिन अंततः सुनेत्रा पवार के नाम पर मुहर लगने से सभी अटकलों पर विराम लग गया। राज्यसभा सांसद के रूप में संसदीय अनुभव रखने वाली सुनेत्रा पवार अब राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक निर्णयों में अहम भूमिका निभाएंगी। उनकी नियुक्ति से एनसीपी को स्थिर और अनुभवी नेतृत्व मिला है, वहीं महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों और एक नए अध्याय की शुरुआत के संकेत भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।