आईजी पद के लिए केंद्रीय अनुभव अनिवार्य! केंद्र सरकार ने जारी किये नए दिशानिर्देश

    31-Jan-2026
Total Views |

Central Govt
Image Source:(Internet) 
नई दिल्ली।
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों की पदोन्नति से जुड़ा एक अहम फैसला लिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केंद्र में इंस्पेक्टर जनरल (IG) या समकक्ष पद पर नियुक्ति के लिए आईपीएस अधिकारियों को न्यूनतम दो वर्ष की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पूरी करना अनिवार्य होगा। यह केंद्रीय अनुभव पुलिस अधीक्षक (एसपी), उप महानिरीक्षक (डीआईजी) या समकक्ष स्तर पर होना चाहिए। गृह मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार यह नया प्रावधान वर्ष 2011 बैच और उसके बाद के सभी आईपीएस अधिकारियों पर लागू होगा। इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर पहुंचने से पहले अधिकारियों को केंद्र स्तर पर प्रशासनिक और कार्यानुभव प्राप्त हो।

राज्य सरकारों को निर्देश
गृह मंत्रालय की ओर से जारी यह पत्र सभी राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों को भेजा गया है, जिसमें उन्हें अपने-अपने कैडर में कार्यरत सभी आईपीएस अधिकारियों को संशोधित दिशा-निर्देशों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही इस पत्र की प्रतिलिपि राज्य सरकारों के पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी), कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी), गृह मंत्रालय के केंद्र शासित प्रदेश प्रभाग और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई है। मंत्रालय ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) से आग्रह किया है कि इस अधिसूचना को आधिकारिक आईपीएस वेबसाइट के “व्हाट्स न्यू” सेक्शन में अपलोड किया जाए, ताकि सभी अधिकारियों को समय पर इसकी जानकारी मिल सके।
 
वरिष्ठ नेतृत्व के लिए केंद्र स्तर का अनुभव जरूरी
अधिकारियों के अनुसार यह निर्णय केंद्र सरकार में वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। एमएचए का मानना है कि केंद्र स्तर पर काम करने का अनुभव अधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा, अंतरराज्यीय समन्वय और केंद्रीय प्रशासनिक ढांचे की बेहतर समझ प्रदान करता है। इससे भविष्य में आईजी और उससे ऊपर के पदों पर तैनात होने वाले अधिकारियों की कार्यक्षमता और निर्णय लेने की क्षमता में भी सुधार होगा। मंत्रालय का यह कदम आईपीएस कैडर में पेशेवर दक्षता और अनुभव आधारित नेतृत्व को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है।