महाराष्ट्र ने खोया ‘अजित दादा’! राजनीती में छोड़ी गहरी छाप

28 Jan 2026 16:35:02
 
Ajit Dada
 Image Source:(Internet)
मुंबई/बारामती |
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित ‘दादा’ (Ajit Dada) पवार का बुधवार सुबह बारामती एयरपोर्ट पर हुए दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अनुसार, मुंबई से बारामती जा रहा चार्टर्ड विमान सुबह करीब 8:45 बजे लैंडिंग के दौरान रनवे थ्रेशहोल्ड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार अजित पवार सहित कुल पांच लोगों—एक पीएसओ, एक सहयोगी और दो क्रू मेंबर—की मौके पर ही मौत हो गई। पवार बारामती में जिला परिषद चुनाव से जुड़ी एक सार्वजनिक रैली में शामिल होने जा रहे थे। इस हादसे से पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर फैल गई है।
 
‘जनता से जुड़ा नेता’: सहकार से सत्ता तक का सफर
22 जुलाई 1959 को अहमदनगर जिले के राहुरी तालुका स्थित देवलाली प्रवरा में जन्मे अजित पवार को लोग स्नेह से ‘अजित दादा’ कहते थे। वे जमीनी राजनीति के मजबूत नेता माने जाते थे और सहकार आंदोलन से लेकर राज्य की सत्ता तक उनका सफर उल्लेखनीय रहा। दूध संघों, सहकारी संस्थाओं, चीनी मिलों और बैंकों के प्रबंधन में उनकी अहम भूमिका रही। 1991 में बारामती लोकसभा सीट से पहली बार सांसद चुने जाने के साथ उनका राजनीतिक कद और बढ़ा, हालांकि बाद में उन्होंने यह सीट अपने चाचा शरद पवार के लिए खाली कर दी। इसके बाद वे बारामती विधानसभा सीट से सात बार विधायक चुने गए और महाराष्ट्र सरकार में कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली।
 
सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहे
अजित पवार गैर-लगातार कार्यकाल में महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेता थे। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकारों में छह बार उपमुख्यमंत्री के रूप में काम किया। नवंबर 2019 में उन्होंने एनसीपी में विभाजन कर भाजपा के साथ सरकार बनाई, जबकि फरवरी 2024 में चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह उनके गुट को सौंपा। राजनीतिक मतभेदों के बावजूद अजित पवार अपने चाचा शरद पवार के बेहद करीब माने जाते थे। हाल ही में पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका चुनावों में एनसीपी के दोनों गुट एकजुट होकर विकास के एजेंडे पर साथ आए थे। अपनी साफगोई, तेज फैसलों और स्पष्ट प्रशासनिक शैली के लिए पहचाने जाने वाले अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो पुत्र जय और पार्थ पवार को छोड़ गए हैं।
 
जन्म: 22 जुलाई 1959, देवलाली प्रवरा (अहमदनगर)
पहला चुनाव: 1991 लोकसभा, बारामती
विधानसभा चुनाव: बारामती से 7 बार विधायक
उपमुख्यमंत्री: 6 बार (गैर-लगातार)
पहचान: ‘अजित दादा’, जमीनी और स्पष्टवादी नेता
निधन: 29 जनवरी 2026, बारामती विमान हादसा
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