नागपुर सर्कल स्मार्ट मीटर अभियान में अव्वल! 13 हजार से अधिक सरकारी कार्यालयों में हुई स्थापना

22 Jan 2026 20:28:49
- ऊर्जा क्षेत्र के आधुनिकीकरण में महावितरण की बड़ी उपलब्धि

Smart Meter Image Source:(Internet)
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (महावितरण/एमएसईडीसीएल) के नागपुर (Nagpur) सर्कल ने बिजली वितरण क्षेत्र के आधुनिकीकरण में बड़ी सफलता हासिल की है। नागपुर और वर्धा जिलों के 13,000 से अधिक सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट बिजली मीटर सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं। इस पहल से न केवल बिजली बिलिंग में सटीकता आई है, बल्कि ऊर्जा की बचत और कुशल खपत को भी बढ़ावा मिला है। स्मार्ट मीटरों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए महावितरण ने 13,604 सरकारी कार्यालयों में इस उन्नत तकनीक को अपनाने का महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। अधिकारियों के अनुसार, यह बदलाव बिजली वितरण में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत है।

मैनुअल बिलिंग से छुटकारा, शिकायतों में उल्लेखनीय कमी
अब तक उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग न होने, मानवीय त्रुटियों और औसत बिलिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। लेकिन स्मार्ट मीटर पूरी तरह स्वचालित हैं, जिससे मैनुअल हस्तक्षेप की आवश्यकता समाप्त हो गई है। इसके चलते मानवीय गलतियों से होने वाली बिलिंग त्रुटियां खत्म हो गई हैं। महावितरण के अनुसार, स्मार्ट मीटरों की स्थापना के बाद उपभोक्ता शिकायतों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है, जिससे सिस्टम पर लोगों का भरोसा और मजबूत हुआ है। 21 जनवरी 2026 तक नागपुर जिले के 10,399 और वर्धा जिले के 3,205 सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसके बाद मीटर न पढ़े जाने या औसत बिल आने जैसी समस्याएं लगभग समाप्त होने की उम्मीद है।
 
मोबाइल ऐप से रियल-टाइम मॉनिटरिंग
स्मार्ट मीटर प्रणाली की एक खास विशेषता यह है कि इसे महावितरण के मोबाइल ऐप से जोड़ा गया है। इसके जरिए उपभोक्ता घंटे-घंटे की बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे अधिक बिजली खपत करने वाले उपकरणों की पहचान करना आसान हो जाता है और उपभोक्ता अपने उपयोग पर बेहतर नियंत्रण रख सकते हैं। यह व्यवस्था ‘जितना उपयोग, उतना भुगतान’ की अवधारणा को व्यवहार में लाती है, जिससे ऊर्जा संरक्षण और बेहतर वित्तीय योजना को बढ़ावा मिलता है। खासतौर पर सोलर नेट मीटरिंग का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह प्रणाली बेहद लाभकारी साबित हो रही है, क्योंकि वे सोलर ऊर्जा के उत्पादन और खपत दोनों पर नजर रख सकते हैं।
 
नि:शुल्क स्थापना, चरणबद्ध विस्तार और पारदर्शिता पर जोर
महावितरण ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से बिना किसी शुल्क के लगाए जा रहे हैं, जिससे अतिरिक्त खर्च को लेकर फैली आशंकाएं दूर हुई हैं। सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ सरकारी आवासों और नए बिजली कनेक्शन धारकों को भी स्मार्ट मीटर दिए जा रहे हैं। नागपुर सर्कल में यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जिसमें प्राथमिकता सरकारी कार्यालयों, महावितरण के प्रतिष्ठानों, सरकारी आवासों और मोबाइल टावरों को दी गई है। अब नए बिजली कनेक्शन केवल स्मार्ट मीटर के साथ ही जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा नागपुर और वर्धा जिलों में कुल 3,430 मोबाइल टावरों में भी स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। महावितरण अधिकारियों का कहना है कि उन्नत तकनीक का उद्देश्य केवल उपभोक्ताओं की सुविधा है। स्मार्ट मीटर पूरी तरह प्रमाणित और तकनीकी रूप से सुरक्षित हैं, जो पारदर्शिता बढ़ाने के साथ महावितरण और उपभोक्ताओं के बीच विश्वास को मजबूत करेंगे।
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