- शाम के वक्त गिरा हादसा, बाल-बाल बचे वाहन चालक
Image Source:(Internet)
एबी न्यूज नेटवर्क।
नागपुर के उज्जवल नगर (Ujjwal Nagar)–मनीष नगर रेलवे अंडरपास में बुधवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। अंडरपास की ऊंचाई सीमा दर्शाने वाला हाइट बैरियर अचानक ढह गया, जिससे कुछ पलों के लिए यातायात ठप हो गया और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। यह लोहे का बैरियर ओवरहाइट वाहनों को कम ऊंचाई वाले अंडरपास में प्रवेश से रोकने के लिए लगाया गया था। प्रत्यक्षदर्शी प्रो. प्रशांत कडू के अनुसार, बैरियर की वेल्डिंग समय के साथ कमजोर होती गई थी, जिसके चलते लगभग आधा टन वजनी यह ढांचा सड़क पर गिर पड़ा। गनीमत रही कि कुछ ही क्षण पहले एक मिनी ट्रक और कई कारें वहां से गुजर चुकी थीं, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था। अचानक गिरे बैरियर से बचने के लिए कई वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़े, जबकि कुछ ने गाड़ियां मोड़कर जान बचाई।
पहले से दिख रहे थे खतरे के संकेत, फिर भी नहीं हुई मरम्मत
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हाइट बैरियर में काफी समय से कमजोरी के संकेत दिखाई दे रहे थे। वेल्डिंग जर्जर हो चुकी थी और ढांचा हिलता नजर आता था, इसके बावजूद किसी भी विभाग ने समय रहते मरम्मत नहीं कराई। इस घटना के बाद एक बार फिर अंडरपास के रखरखाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। महा-मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि यह अंडरपास पहले ही नागपुर महानगरपालिका (NMC) को सौंप दिया गया है, इसलिए इसके रखरखाव की जिम्मेदारी मनपा की है। वहीं, मनपा का दावा है कि हैंडओवर की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए जवाबदेही स्पष्ट नहीं है। इस आपसी तालमेल की कमी का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
सुरक्षा ऑडिट और सख्त निगरानी की मांग
घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन उज्जवल नगर–मनीष नगर अंडरपास को बंद कर दिया है और प्रवेश व निकास मार्गों पर बैरिकेड्स लगाकर यातायात रोका गया है। मनीष नगर, उज्वल नगर, सोमलवाड़ा और बेसा-बेलतरोडी क्षेत्र के नागरिकों ने लापरवाही, बढ़ते ट्रैफिक जाम और जर्जर बुनियादी ढांचे को लेकर नाराजगी जताई है। लोगों ने तत्काल मरम्मत, वाहनों की ऊंचाई की सख्त निगरानी और अंडरपास का संपूर्ण सेफ्टी ऑडिट कराने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि अगली बार ऐसा हादसा बिना जनहानि के टल जाए, इसकी कोई गारंटी नहीं है। लक्समी नगर जोन के कार्यकारी अभियंता रविंद्र बुंधाडे ने मौके का निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के आदेश दिए गए हैं।