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पुणे।
छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर पुणे महानगरपालिका (PMC) ने शहर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक अहम प्रशासनिक कदम उठाया है। 19 फरवरी को शिव जयंती (Shiva Jayanti) के दिन पूरे पुणे शहर में शराब की बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव किया गया है। इस संबंध में पुणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा पुणे डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को एक आधिकारिक पत्र भेजने का निर्णय लिया गया है। कॉर्पोरेशन का मानना है कि इस फैसले से शिव जयंती के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अप्रिय घटना को रोका जा सकेगा और उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होगा।
विशाल आयोजनों को देखते हुए लिया गया फैसला
शिव जयंती पुणे सहित पूरे महाराष्ट्र में श्रद्धा, गर्व और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस दिन शहर में प्रभातफेरियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, शोभायात्राएं और भव्य जुलूस निकाले जाते हैं, जिनमें लाखों शिव भक्त भाग लेते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने यह राय बनाई है कि शराब की उपलब्धता से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शराब पर एक दिन का पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की जा रही है, ताकि त्योहार की गरिमा बनी रहे और किसी भी तरह की अशांति की संभावना न रहे।
अंतिम फैसला जिला प्रशासन के हाथ, सुरक्षा इंतजाम सख्त
म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ‘ड्राई डे’ घोषित करने का अंतिम अधिकार जिला प्रशासन और राज्य आबकारी विभाग के पास होता है। हालांकि, शिव जयंती के महत्व को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट से शराब की दुकानें और बार बंद रखने का औपचारिक अनुरोध किया जाएगा। इसके साथ ही शहर में सख्त ट्रैफिक प्लान लागू करने, प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, विशेष सफाई अभियान चलाने और प्रमुख मार्गों पर लाइटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि शिव भक्त बिना किसी बाधा के कार्यक्रमों में शामिल हो सके और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पूरी श्रद्धा, अनुशासन और शांतिपूर्ण माहौल में मनाई जा सके।