कल्याण-डोंबिवली में बड़ा सियासी उलटफेर: शिंदे की शिवसेना को MNS का समर्थन

21 Jan 2026 16:21:30
- KDMC में सत्ता समीकरण बदले, ठाकरे गुट को झटका

MNS supports Shinde Shiv SenaImage Source:(Internet) 
मुंबई |
राज्य की राजनीति में लगातार नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं और नगर निकाय चुनावों के बाद सत्ता गठन को लेकर खींचतान तेज हो गई है। इसी बीच एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में देखने को मिला है, जिसे उप-मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Shinde) के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई माना जा रहा है। राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने यहां एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को समर्थन देने का ऐलान किया है। इस फैसले को उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (ठाकरे गुट) के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इससे ठाकरे भाइयों की पार्टियों के बीच खाई और गहरी होने के संकेत मिल रहे हैं।
 
बहुमत का आंकड़ा और घटता-बढ़ता संख्याबल
कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में सत्ता गठन के लिए 62 पार्षदों के बहुमत की आवश्यकता है। मौजूदा स्थिति में शिंदे गुट की शिवसेना के पास 53 पार्षद हैं, जबकि भाजपा के 50 पार्षद चुने गए हैं। चुनाव में ठाकरे गुट के 11 और MNS के 5 पार्षद विजयी हुए थे। हालांकि, नतीजों के बाद ठाकरे गुट के पार्षद मधुर म्हात्रे और कीर्ती ढोणे के लापता होने की खबरें सामने आईं, जिसके बाद कयास लगाए गए कि वे शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। इसके बाद जब ठाकरे गुट ने कोंकण विभागीय आयुक्त कार्यालय में अपना गुट पंजीकृत कराने की प्रक्रिया शुरू की, तो दो और पार्षद अनुपस्थित पाए गए। चर्चा है कि ये दोनों MNS में शामिल हो गए, जिससे ठाकरे गुट की संख्या 11 से घटकर 7 रह गई।

MNS का समर्थन, शिंदे गुट मजबूत स्थिति में
इन घटनाक्रमों के बीच अब MNS ने खुलकर शिंदे की शिवसेना को समर्थन दे दिया है। ठाकरे गुट से MNS में शामिल हुए दो पार्षद पहले MNS के ही कार्यकर्ता रह चुके थे और उन्होंने “घर वापसी” का दावा किया है। इन दोनों के साथ चुनाव में जीते MNS के 5 पार्षदों को मिलाकर कुल 7 पार्षदों ने शिंदे गुट को समर्थन देने की घोषणा की है। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि विकास कार्यों में बाधा न आए, इसलिए MNS ने शिवसेना को समर्थन दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा को सत्ता से बाहर रखने का कोई निर्णय नहीं हुआ है और महापौर पद को लेकर अंतिम फैसला उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण करेंगे।
 
ठाकरे गुट का पलटवार, कानूनी कार्रवाई की तैयारी
इस पूरे घटनाक्रम के बाद ठाकरे गुट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोंकण भवन में गुट पंजीकरण के दौरान ठाकरे गुट के चार पार्षद अनुपस्थित पाए गए, जिस पर पार्टी ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का संकेत दिया है। ठाकरे गुट का कहना है कि ये पार्षद ‘मशाल’ चुनाव चिह्न पर निर्वाचित हुए थे, लेकिन सत्ता गठन के समय गैरहाजिर रहे। वहीं, श्रीकांत शिंदे ने कहा कि ठाकरे गुट के पार्षदों से संपर्क नहीं हो पा रहा है और अगर वे विकास कार्यों को देखकर समर्थन देना चाहते हैं, तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है। कुल मिलाकर, KDMC में MNS के समर्थन से शिंदे गुट की स्थिति मजबूत हो गई है और राज्य की राजनीति में यह घटनाक्रम दूरगामी असर डालने वाला माना जा रहा है।
 
कल्याण डोंबिवली नगर निगम आम चुनाव नतीजे
KDMC - 122
शिवसेना: 53
BJP: 50
उभाठा: 11
MNS: 5
कांग्रेस: 2
राष्ट्रवादी: शरद पवार ग्रुप: 1
 
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