नायलॉन मांजा मामले में हाईकोर्ट ने लगाई फटकार! सही जानकारी के साथ हलफनामा दाखिल करने के निर्देश

21 Jan 2026 18:16:35
 
High Court
 Image Source:(Internet)
नागपुर।
नायलॉन मांजा (Nylon manja) की अवैध बिक्री और इस्तेमाल के मामलों में बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। मकर संक्रांति के दौरान नागपुर जिले में नायलॉन मांजा से जुड़े सिर्फ दो अपराध दर्ज होने के सरकारी दावे पर कोर्ट ने गंभीर नाराजगी जताई। जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस राज वाकोड़ की खंडपीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब पूरे शहर में खुलेआम नायलॉन मांजा बिक रहा है, तब केवल दो मामलों की जानकारी देना वास्तविकता से मेल नहीं खाता। कोर्ट ने चेतावनी दी कि भविष्य में गुमराह करने वाली या गलत जानकारी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में राज्य सरकार को 30 जनवरी तक पूरी, निष्पक्ष और तथ्यात्मक जानकारी के साथ हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया गया है।
 
पूरे शहर में बिक्री, फिर सिर्फ दो केस? - कोर्ट का सवाल
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सरकारी एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि नायलॉन मांजा की बिक्री और इस्तेमाल एक सार्वजनिक तथ्य है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने साफ किया कि यदि हलफनामे में किसी भी प्रकार की गलत या अधूरी जानकारी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बेंच ने यह भी निर्देश दिया कि नायलॉन मांजा से घायल हुए नागरिकों और पक्षियों की विस्तृत जानकारी, साथ ही जिन इलाकों में घटनाएं हुईं वहां के पुलिस इंस्पेक्टर और डिप्टी कमिश्नर के नाम भी एफिडेविट में शामिल किए जाएं।

सख्त जुर्माने, कमेटी गठित, PIL के जरिए निगरानी
कोर्ट ने दोहराया कि नायलॉन मांजा के इस्तेमाल और बिक्री पर पहले से ही कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू हैं। वयस्क द्वारा इस्तेमाल पर 25 हजार रुपये, नाबालिग द्वारा इस्तेमाल पर समान जुर्माना और बिक्री या सप्लाई करने वालों पर 2.5 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। जुर्माने से जमा राशि के प्रबंधन के लिए डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, म्युनिसिपल कमिश्नर और हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। नायलॉन मांजा से होने वाले हादसों के बढ़ते खतरे को देखते हुए हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की है, जिससे आने वाली सुनवाइयों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सख्त निगरानी के संकेत मिलते हैं।
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