दावोस दौरे से महाराष्ट्र को मिलेगा ज्ञान, तकनीक और विदेशी निवेश: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

21 Jan 2026 15:56:26
- दावोस में रणनीतिक समझौते, ज्ञान और तकनीक पर फोकस

CM Devendra FadnavisImage Source:(Internet) 
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने बुधवार को कहा कि स्विट्जरलैंड में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के अवसर पर किया गया दावोस दौरा भारत और विशेष रूप से महाराष्ट्र के लिए ज्ञान, आधुनिक तकनीक और विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। दौरे के दूसरे दिन ‘थर्ड मुंबई’ के तहत रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर को पहली सिटी के रूप में घोषित किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से रणनीतिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया (बर्कले), टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख, अर्बन फ्यूचर्स कलेक्टिव–लंदन, आईसीसीआई–इटली, ए स्टार ट्यूनिंग इंस्टीट्यूट, नॉर्वेजियन जियोटेक्निकल इंस्टीट्यूट और सिंगापुर की सुबाना जुरोंग जैसी संस्थाओं के साथ शहरी नियोजन से जुड़े तकनीकी सहयोग समझौते शामिल हैं।

शहरी नियोजन, परिवहन और स्वास्थ्य क्षेत्र को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इन समझौतों के माध्यम से महाराष्ट्र न केवल निवेश आकर्षित कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर का ज्ञान और तकनीक भी प्राप्त कर रहा है, जिससे बड़े उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और विभिन्न क्षेत्रों में प्रभावी कार्य संभव होगा। शहरी नियोजन और परिवहन से जुड़े समझौते शहरों के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को मजबूत करेंगे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है। दावोस में मेडिकल टेक्नोलॉजी पर हुई सकारात्मक चर्चा के आधार पर महाराष्ट्र के लिए हेल्थकेयर रोडमैप तैयार किया गया है। साथ ही, राज्य में मजबूत मेडटेक स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में विश्व की अग्रणी कंपनियों के साथ समझौते किए गए हैं।

थर्ड मुंबई की पहली सिटी: रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायगढ़–पेण ग्रोथ सेंटर नवी मुंबई एयरपोर्ट से 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमति प्रक्रिया पिछले तीन–चार वर्षों से चल रही थी, जो अब पूरी हो चुकी है। यह देश की पहली ‘प्लग-एंड-प्ले’ सिटी होगी, जिसे पब्लिक–प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत राज्य सरकार, एमएमआरडीए और निजी भागीदार मिलकर विकसित करेंगे। यहां एक नया बिजनेस डिस्ट्रिक्ट तैयार किया जाएगा, जिससे ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स, फिनटेक इकोसिस्टम और उच्च वेतन वाले रोजगार सृजित होंगे। बीकेसी की तर्ज पर यह क्षेत्र एक प्रमुख व्यावसायिक केंद्र के रूप में उभरेगा।
 
1 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते, वैश्विक कंपनियों की रुचि
इस शहर की घोषणा के बाद करीब 1 लाख करोड़ के निवेश से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दक्षिण कोरिया के हवाना ग्रुप, स्विट्ज़रलैंड के एसएसबी ग्रुप और एनसार, अमेरिका की फेडएक्स, फिनलैंड की रिवर रीसायकल ग्रुप, दुबई की एमजीएसए ग्रुप, सिंगापुर की स्पेसेज़ और मैपलेट्री, जेनवी, इंडोस्पेस पार्क ग्रुप और अमेरिका की ट्रिबेका डेवलपर्स जैसी कंपनियों ने गहरी रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मैग्नेटिक महाराष्ट्र’ पवेलियन दावोस में आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड बैंक अध्यक्ष अजय बंगा, बरमूडा के प्रधानमंत्री डेविड बर्ट, हुंडई चेयरमैन संग किम, एपी मोलर–मर्स्क के सीईओ विंसेंट क्लर्क सहित कई वैश्विक नेताओं और उद्योग प्रमुखों से मुलाकात कर हरित औद्योगिक कॉरिडोर, ईवी नीति, सप्लाई चेन, सर्कुलर इकोनॉमी और नवाचार पर व्यापक चर्चा की।
Powered By Sangraha 9.0