कल्याण-डोंबिवली में वोटर्स से विश्वासघात का आरोप, राजनीतिक उठापटक तेज

21 Jan 2026 20:01:44
- वोट लेकर बदला रुख, लोकतंत्र पर सवाल

KDMCImage Source:(Internet) 
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
ठाणे जिले के कल्याण-डोंबिवली म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KDMC) में चुनाव के तुरंत बाद सामने आए राजनीतिक घटनाक्रम ने लोकतंत्र की भावना पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव जीतने के महज एक हफ्ते केभीतर ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के पांच और ठाकरे गुट की शिवसेना के चार कॉर्पोरेटर्स द्वारा शिंदे गुट की शिवसेना को समर्थन दिए जाने से मतदाताओं के साथ धोखे के आरोप लग रहे हैं। इन नौ कॉर्पोरेटर्स को कुल मिलाकर करीब 1.10 लाख वोट मिले थे, जो मुख्य रूप से BJP और शिंदे गुट के विरोध में डाले गए थे। लेकिन सत्ता समीकरण बदलते ही इन जनप्रतिनिधियों का रुख भी बदल गया, जिससे जनता में भारी नाराजगी है।
 
बिना विरोध चुने गए पार्षद और सत्ता की खींचतान चुनाव से पहले ही KDMC सबसे ज्यादा बिना विरोध चुने गए कॉर्पोरेटर्स को लेकर चर्चा में था। यहां BJP के 14 और शिंदे गुट की शिवसेना के 6 कॉर्पोरेटर्स निर्विरोध चुने गए थे। इसके बाद मेयर पद को लेकर BJP और शिवसेना के बीच खींचतान देखने को मिली। अब चुनाव के बाद एक बार फिर सत्ता संतुलन को साधने के लिए जोड़-तोड़ की राजनीति सामने आ रही है। ठाकरे गुट के 11 चुने गए पार्षदों में से चार के अलग होने और MNS के पांच पार्षदों के समर्थन से शिंदे गुट की शिवसेना बहुमत के करीब पहुंचती नजर आ रही है।
 
MNS के पांच पार्षदों को मिले 65 हजार वोट कल्याण-डोंबिवली में MNS के जिन पांच उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, उन्हें कुल मिलाकर करीब 65 हजार वोट मिले। गणेश लांडगे, शीतल मंधारी, प्रल्हाद म्हात्रे, संदेश पाटिल और डॉ. रसिका संदेश पाटिल को मतदाताओं ने इसलिए चुना था क्योंकि वे BJP और शिंदे गुट की शिवसेना के खिलाफ विकल्प के रूप में देखे जा रहे थे। खुद MNS नेता राजू पाटिल ने सत्ता के साथ रहकर काम करने की बात कही थी, लेकिन पार्टी प्रमुख राज ठाकरे इससे पहले शिंदे गुट की आलोचना कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उन मतदाताओं का क्या, जिन्होंने स्पष्ट रूप से शिंदे और BJP के विरोध में वोट डाला था?
 
MNS उम्मीदवारों को कितने वोट मिले?
1) गणेश लांडगे- 7685/827 वोटों से जीते
2) शीतल मंधारी- 9064/661 वोटों से जीते
3) प्रल्हाद म्हात्रे- 9908/2372 वोटों से जीते
4) संदेश पाटिल - 18546/8946
5) डॉ. रसिका संदेश पाटिल - 15169/5467
 
ठाकरे गुट के 4 पार्षदों के 45 हजार वोट भी बेअसर ठाकरे गुट की शिवसेना के चार पार्षद स्वप्नाली काने, मधुर म्हात्रे, कीर्ति धोने और राहुल कोट को मिलाकर लगभग 45 हजार वोट मिले थे। ये वोट भी BJP और शिंदे गुट के विरोध में थे। लेकिन चुनाव जीतते ही इन पार्षदों ने अपना राजनीतिक रुख बदल लिया और शिंदे गुट को समर्थन देने का फैसला किया। महज आठ दिनों में सत्ता पक्ष बदलने की इस राजनीति को ‘डेवलपमेंट’ का नाम दिया जा रहा है, लेकिन जनता का मानना है कि यह विकास नहीं बल्कि मतदाताओं के भरोसे के साथ सीधा विश्वासघात है।

ठाकरे का साथ छोड़ने वाले कॉर्पोरेटर्स के वोट
स्वप्नाली काने- 11830/3717 वोटों से जीती
मधुर म्हात्रे- 10743/1711 वोटों से जीती
कीर्ति धोने- 8841/724 वोटों से जीती
राहुल कोट- 14049/3539 वोटों से जीते
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