- फ्लाईओवर के नीचे विकास, सड़क पर अव्यवस्था
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नागपुर।
अमरावती रोड पर आरटीओ (RTO) कार्यालय के पास ज्ञानयोगी डॉ. श्रीकांत जिचकार फ्लाईओवर भले ही शहर के यातायात को गति देने का प्रतीक बन गया हो, लेकिन उसके नीचे की जमीनी हकीकत चिंता बढ़ा रही है। फ्लाईओवर के नीचे की संकरी सड़क पर लंबे समय से जमा निर्माण मलबा और बेतरतीब वाहन पार्किंग ने इस हिस्से को स्थायी ट्रैफिक जाम में बदल दिया है। फ्लाईओवर के उतरते ही, खासकर एक सड़क किनारे के ढाबे के पास, मलबे के ढेर अब आम दृश्य बन चुके हैं। विकास की ऊंचाई पर खड़ा फ्लाईओवर जहां प्रगति का संदेश देता है, वहीं नीचे की सड़क अव्यवस्था और लापरवाही की कहानी सुना रही है, जिसका खामियाजा रोजाना सैकड़ों वाहन चालक और पैदल यात्री भुगत रहे हैं।
आधी सड़क बंद, हर घंटे जाम और खतरा
सड़क किनारे पड़े निर्माण सामग्री के कारण पहले ही रास्ता संकरा हो गया था, अब उसी जगह पर वाहन पार्क किए जाने से हालात और बिगड़ गए हैं। स्थिति यह है कि सड़क की लगभग आधी चौड़ाई अवरुद्ध हो चुकी है। पीक आवर्स में वाहनों की रफ्तार थम जाती है, लंबी कतारें लग जाती हैं और आमने-सामने से गुजरते वाहनों के बीच खतरनाक नजदीकियां बनती हैं। पैदल यात्रियों के लिए हालात और भी जोखिम भरे हैं। फुटपाथ न होने के कारण उन्हें व्यस्त सड़क पर चलना पड़ता है, जबकि पास ही खुला नाला और ज़मीन से बाहर निकले ढीले तार जानलेवा साबित हो सकते हैं। बोले पेट्रोल पंप चौक तक यह खतरा लगातार बना हुआ है।
अधूरा काम, बेपरवाह व्यवस्था और लोगों की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार फ्लाईओवर निर्माण के दौरान अगस्त–सितंबर 2024 में नाले की दीवार तोड़ दी गई थी, लेकिन फ्लाईओवर चालू होने के बावजूद नीचे का काम अब तक पूरा नहीं हुआ। हाल ही में कुछ जगहों पर फुटपाथ निर्माण शुरू हुआ है, लेकिन न तो मलबे के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और न ही अवैध पार्किंग पर रोक लगी है। मौके पर मौजूद मजदूरों का कहना है कि काम 10 से 15 दिनों में पूरा हो सकता है, हालांकि किसी विभाग ने आधिकारिक समय सीमा घोषित नहीं की है। रहवासियों और रोजाना आने-जाने वालों ने मांग की है कि मलबा तुरंत हटाया जाए, पार्किंग को नियंत्रित किया जाए और जिम्मेदारी तय की जाए। जब तक एजेंसियां ठोस कदम नहीं उठातीं, तब तक फ्लाईओवर के नीचे की यह सड़क नागरिक उदासीनता की कीमत चुकाती रहेगी।