- मतभेदों के बीच हंसी का पल
Image Source:(Internet)
नागपुर।
आज महाराष्ट्र विधानसभा में कोकण के दो राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नेताओं के बीच दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। शिवसेना के विधायक भास्कर जाधव (Bhaskar Jadhav) ने मछुआरों की समस्याओं को उठाया, जबकि मंत्री नितेश राणे ने जवाब में आदित्य ठाकरे को भी चर्चा में खींच लिया। अक्सर एक-दूसरे की आलोचना करने वाले ये नेता आज अचानक सदन में हंसी का कारण बन गए। नितेश राणे ने भास्कर जाधव की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी अनुभवशीलता कोकण और मछुआरों के लिए बेहद लाभकारी होगी। इस बीच आदित्य ठाकरे ने भास्कर जाधव को ‘जादुई गले’ के साथ गले लगाया, जिससे सदन में उपस्थित सभी लोग हंस पड़े।
मछुआरों के बोर्ड पर उठाया सवाल
नितेश राणे ने विधानसभा को बताया कि राज्य सरकार ने सिल्वर पोंफ्रेट को राज्य मछली घोषित किया है। इस पर भास्कर जाधव ने मछुआरों के बोर्ड के मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि जब वे मंत्री थे, तब उन्होंने मठाडी वर्कर्स बोर्ड की तर्ज पर मछुआरों के लिए बोर्ड की स्थापना की थी। लेकिन मुंबई में अभी तक इस बोर्ड के लिए उचित कार्यालय की सुविधा नहीं है। जाधव ने सुझाव दिया कि मछुआरों के लिए आवश्यक फंड इस बोर्ड के माध्यम से सुनिश्चित किए जाएं और उनके विकास की दिशा में काम हो। उन्होंने नितेश राणे से कहा कि कोकण से आने वाले मंत्री होने के नाते वे इस मुद्दे पर ध्यान दें और जरूरत पड़ने पर उनकी मदद लें, ताकि बोर्ड को पुनर्जीवित किया जा सके।
सदन में मिलन और समझौते का प्रतीक
मजाकिया अंदाज में नितेश राणे ने कहा, “भास्कर जाधव हमेशा अच्छे सुझाव देते हैं। उनके सुझाव मैं सुनता हूं, लेकिन उनके स्वर में आदित्य ठाकरे के बैठने पर और न बैठने पर फर्क होता है। जब वे व्यक्तिगत रूप से मिलते हैं, तो गले लगते भी हैं।” इसके बाद आदित्य ठाकरे ने भास्कर जाधव को गले लगाया, जिससे सदन में हंसी और हल्की मस्ती का माहौल बन गया। नितेश राणे ने यह भी कहा कि वे इस बैठक का आयोजन जाधव के सामने करेंगे, क्योंकि कोकण और मछुआरों के हित के लिए उनके अनुभव का लाभ उठाना जरूरी है। इस घटना ने दिखा दिया कि राजनीतिक मतभेदों के बीच भी समझौता और सौहार्द संभव है।