मोबाइल के बगैर बच्चा खाना नहीं खाता, वजन बढ़ने का खतरा !

    31-May-2024
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child does not eat without mobile risk of weight gain
(Image Source : Internet/ Representative)
नागपुर:
वर्तमान में हर जगह गैजेट्स का चलन बहुत बढ़ गया है। गैजेट्स मतलब मोबाइल, टीवी, गेम्स, स्क्रीन टाइम आदि. आजकल मां- बाप और बच्चे दोनों इसी में उलझे रहते हैं। खासकर छोटे बच्चे मोबाइल के बगैर खाना नहीं खाते हैं। मोबाइल से दूर नहीं रहते। यह समस्या इतनी बढ़ गई है कि अब इसके दुष्परिणाम शुरु हो गए। इसके दुष्परिणाम केवल मानसिक ही नहीं बल्कि शारीरिक भी है, जो चिंताजनक है।

वजन बढ़ने का खतरा
यदि बच्चा मोबाइल में उलझा रहता है तो उसे खाने का स्वाद भी पता नहीं चलता है और इससे उसके डेवलपमेंट पर भी काफी असर पड़ता है। वह मोबाइल में इतना ज्यादा मग्न हो जाता है कि उसका खाने पर फोकस नहीं रहता है। इससे उसे पता ही नहीं चल पाता है कि कब उसने ज्यादा खाना खा लिया, किस टेस्ट का खाना खा लिया। इससे उसमें मोटापा बढ़ने का भी खतरा रहता है।
 
बच्चे के पाचन पर भी परिणाम
बच्चा मोबाइल देखते-देखते कभी-कभी इतना ज्यादा खाना खा लेता है कि उसे उल्टी होने लग जाती है। जब वह ज्यादा समय एक ही जगह बैठा रहता है तो उसकी आउटडोर फिजिकल एक्टिविटी भी कम हो जाती है। इससे उसकी पाचन शक्ति काफी कमजोर हो जाती है और उसका वजन बढ़ने लगता है। इससे उसे हमेशा तकलीफ होने लगती है। वह और ज्यादा चिड़चिड़ा हो जाता है और उसका चिड़चिड़ापन शांत करने के लिए हम उसे फिर से स्क्रीन टाइम देते हैं।

आदत कैसे तोड़ेंगे ?
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित डहाट ने बताया कि हमें इस आदत को तोड़ना है तो सबसे पहले जब बच्चा बोर होकर मां- बाप के पास आए तो उसे मोबाइल, टीवी की तरफ मोड़ने के बजाय क्रिएटिव एक्टिविटी में लगाना चाहिए। उसके साथ कोई खेल खेलना चाहिए, उसे आउटडोर एक्टिविटी या ड्राविंग में लगाना चाहिए। उसमें म्यूजिक, गार्डनिंग जैसी कोई हॉबी डेवलप करनी चाहिए। मोबाइल में स्क्रीन लॉक रखना चाहिए यानी बच्चा जब इससे ज्यादा मोबाइल देखे तो वह अपने आप लॉक हो जाना चाहिए। यदि हम बच्चे को डांटेंगे तो वह वापस मोबाइल के रास्ते पर ही चला जाएगा। इसलिए हमें बच्चे को अच्छा इंटरेस्टिंग सराउंडिंग देकर उसे इस आदत से बाहर निकालना चाहिए। यह सबकुछ अचानक से नहीं हो पाएगा. आपको धीरे-धीरे स्क्रीन टाइम बंद करना पड़ेगा।