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नागपुर।
ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स रेजिमेंट की स्थापना 26 मार्च 1949 को फील्ड मार्शल केएम करिअप्पा, ओबीई द्वारा की गई थी। इस रेजिमेंट की जेसीओ/ओआर के दस्तावेजीकरण को बनाए रखने और विधवाओं, भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण में एक निर्दिष्ट (प्राथमिक और द्वितीयक) भूमिका रही है। ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स रेजिमेंट के पचास हजार से अधिक दिग्गजों के सेवा दस्तावेजों को सुचारू रूप से संभालने और सुरक्षित रखने के उद्देश्य से, ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स के सभी रैंकों द्वारा एक एकीकृत पुस्तकालय की स्थापना के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया था। एकीकृत पुस्तकालय की स्थापना में ब्रिगेड ऑफ द गार्ड्स के सभी रैंकों के प्रयासों से यह बड़ा लक्ष्य हासिल हो पाया है। इससे दस्तावेजों तक पहुंच आसान और हमेशा सुरक्षित बनी रहेगी। इस अवसर पर ब्रिगेडियर अश्विनी शर्मा, डीडीजी एमपी-8 (आई ऑफ आर) ने 15 मई 2024 को एकीकृत पुस्तकालय का उद्घाटन किया और लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज श्रीवास्तव, सीआरओ और सभी रैंकों की उनके अथक परिश्रम के लिए सराहना की। सेना प्रशासन ने इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी।