Pakistan : नवजात शिशु का धड़ शरीर से अलग कर सिर गर्भ में ही छोड़ा

    21-Jun-2022
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अनुभवहीन RHC कर्मचारियों ने किया गर्भवती महिला को ऑपरेट और फिर...
 
कराची: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र (RHC) के स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही का मामला सामने आया है। इस मामले में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एक नवजात शिशु का सिर काटकर मां के गर्भ में ही छोड़ दिया। इसे लापरवाही कहे या क्रूरता जिसकी वजह से 32 वर्षीय हिंदू महिला की जान भी खतरे में पड़ गई।
 

Pakistan News Image Source: Internet
 
स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही ने सिंध सरकार को घटना की तह तक जाने और दोषियों का पता लगाने के लिए प्रेरित किया है। इसके लिए एक चिकित्सा जांच बोर्ड (Medical Examination Board) का गठन किया गया है।
 
क्या है पूरा मामला?
 
राहील सिकंदर, जो जमशोरो में लियाकत यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (LUMHS) की स्त्री रोग इकाई के प्रमुख हैं, उन्होंने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा, 'गर्भवती हिंदू महिला जो थारपारकर जिले के एक दूरदराज के गांव की है। वह पहले अपने क्षेत्र के ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र (RHC) गई थी, लेकिन कोई महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने की वजह से वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे ऑपरेट किया। जिन कर्मचारियों ने उसे ऑपरेट किया वे अनुभवहीन थे। उन्होंने कहा, 'RHC के कर्मचारियों ने रविवार को हुई सर्जरी के दौरान मां के गर्भ में पल रहे नवजात शिशु का सिर काट दिया और गर्भ के अंदर ही छोड़ दिया।'
 
इस तरह बची महिला की जान
 
गर्भ में बच्चे का सिर रहने से महिला की जान पर बन आई। जिसके बाद उसे मीठी के नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसके इलाज के लिए कोई सुविधा नहीं थी। आखिरकार, उसका परिवार उसे LUMHS ले आया, जहां नवजात शिशु के बाकी शरीर को मां के गर्भ से निकाल लिया गया। फिलहाल महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है। राहील सिकंदर ने कहा कि बच्चे का सिर अंदर फंसा हुआ था और मां का गर्भाशय टूट गया था और उन्हें महिला की जान बचाने के लिए उसका पेट काटना पड़ा और सिर को बाहर निकालना पड़ा।
 
अलग से जांच के आदेश
 
इस भयानक गलती ने सिंध स्वास्थ्य सेवा के महानिदेशक डॉ. जुमान बहोतो ने मामले में अलग से जांच का आदेश दिए है। उन्होंने कहा कि जांच समितियां पता लगा लेंगी कि क्या हुआ था, खासकर चाचरो में RHC में स्त्री रोग विशेषज्ञ और महिला कर्मचारियों की अनुपस्थिति है। जांच समितियां उन रिपोर्टों पर भी गौर करेगी जब महिला स्ट्रेचर पर लेटी थी और उसके वीडियो लिए गए। साथ ही स्टाफ के कुछ सदस्यों ने स्त्री रोग वार्ड में एक मोबाइल फोन पर उसकी तस्वीरें लीं और उन तस्वीरों को विभिन्न व्हाट्सएप समूहों के साथ शेयर किया।' सवाल उठता है कि ऐसा क्यों किया गया? डॉ. जुमान ने कहा,आदेश दे दिए गए है, जल्द ही गुन्हेगारों का पता चल जायेगा।