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नागपुर: आधुनिक दौर के चलते सामान्य तौर पर हमारे जीवन शैली में काफी बदलाव आये है। जिस वजह से हार्ट अटैक के मामलों में काफी वृद्धि हुई है। ब्लड प्रेशर से संबंधित लोगों में हार्ट अटैक से जुड़े मामले ज्यादा पाए जाते है। बढ़ते तनाव के साथ ही खान पान में अधिक बदलाव को इसकी वजह माना जा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर होने के कारण हार्ट अटैक आने की संभावना ज्यादा रहती है। खानपान में आये बदलाव के कारण कई लोगों को मोटापे की समस्या से जूझना पड़ रहा है। साथ ही अनहेल्थी डाइट, गलत लाइफस्टाइल, मोटापा, हाई कॉलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर आदि कारणों से हार्ट अटैक आने की पूरी संभावना है। यह जानने की आवश्यकता है की एक व्यक्ति को हार्ट अटैक कितनी बार आ सकता है?
कार्डियोलॉजिस्ट के अनुसार किसी भी व्यक्ति को सामान्य जीवन में आमतौर पर ज्यादातर 3 बार हार्ट अटैक आने की संभावना है। अनेक मामलों में ये संख्या कम भी हो सकती है। सामान्य तौर पर हार्ट अटैक आने के चांसेस उम्र के 40 से 45 पड़ाव में आने की संभावना ज्यादा होती है।
हार्ट अटैक आने के लक्षण :
सांस लेने में तकलीफ होना
बहुत ज्यादा पसीना आना
सीने में दर्द होना
चक्कर आना
अस्वस्थ महसूस होना
जबड़े या दातों में दर्द
जी मचलाना
गैस की समस्या से पीड़ित होना
कैसे आता है अटैक?
जब हमारे धमनियों में बाद कोलेस्ट्रॉल का प्रमाण बढ़ जाता है तो प्लैक बनने लगता है। इस वजह से ब्लड वेसल्स में ब्लॉकेज होता है और हृदय की तरफ बढ़ने वाला ब्लड के बहाव काफी धीमी हो जाती है। ऐसे समय हृदय तक रक्त को पहुंचने के लिए काफी जोर लगाना पड़ता है। जिस वजह से हार्ट अटैक आने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।
हार्ट अटैक से बचने के उपाय
हार्ट अटैक आने से बचने के लिए हेल्दी डाइट को बनाए रखने की आवश्यकता होती है। हो सके तो अपने खाने में नमक, शक्कर और तले हुए पदार्थ को टाले। सिगरेट और मद्यपान का सेवन करने से बचे यह हार्ट अटैक आने के मुख्य कारणों में से एक है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है जिसकी वजह से हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है। वजन बढ़ने की वजह से भी हार्ट अटैक आने की संभावना बढ़ जाती है। हो सके तो वजन को बढ़ने से रोकने की कोशिश करें। हृदय को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित तौर पर एक्सरसाइज करें।