मेरठ ‘ब्लू ड्रम’ केस: सौरभ राजपूत की हत्या में पत्नी मुस्कान और प्रेमी साहिल दोषी करार

    30-Sep-2026
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19 महीने चला ट्रायल,126 सुनवाई और 22 गवाहों के बाद आया फैसला

 
Meerut Blue Drum Case
 Image Source:(Internet)
 
मेरठ। चर्चित ‘ब्लू ड्रम’ हत्याकांड (Meerut Blue Drum) में अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया है। करीब 19 महीने चले मुकदमे के दौरान अदालत में कुल 126 सुनवाई हुईं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों आरोपियों को अदालत ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया। हालांकि, अदालत ने अभी सजा का ऐलान नहीं किया है। दोषसिद्धि के बाद अब सजा की अवधि और स्वरूप पर अलग से सुनवाई होगी। अदालत ने इसके लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की है। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने मुस्कान से फैसले के दिन उसकी स्थिति के बारे में भी पूछा और कहा कि मामले में अदालत का काम दोष तय करने तक पूरा हो चुका है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इस तरह के अपराध समाज में भय का माहौल पैदा करते हैं।
 
मार्च 2025 में हुई गिरफ्तारी
यह मामला मार्च 2025 में तब सामने आया, जब मेरठ स्थित सौरभ के घर से उनका शव एक नीले रंग के ड्रम से बरामद किया गया। पुलिस ने सौरभ की पत्नी मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ मर्चेंट नेवी में काम करते थे और फरवरी 2025 में लंदन से मेरठ लौटे थे। बताया गया कि उन्होंने 25 फरवरी को परिवार के साथ अपना जन्मदिन मनाया था, जबकि उनकी बेटी का जन्मदिन 28 फरवरी को मनाया गया। अभियोजन के मुताबिक, 3 मार्च को मुस्कान ने कथित तौर पर सौरभ को नींद की दवा दी, जिसके बाद साहिल को घर बुलाया गया। पुलिस के आरोप के अनुसार, इसके बाद दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की। अदालत में अभियोजन पक्ष ने इसी घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों और गवाहों को प्रस्तुत किया।
 
शिमला से वापसी के बाद सामने आया मामला
मामले की टाइमलाइन में 4 मार्च का दिन भी महत्वपूर्ण रहा। पुलिस के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान अपनी बेटी को ननिहाल में छोड़कर साहिल के साथ शिमला चली गई थी। इसके बाद 17 मार्च को वह शिमला से वापस लौटी और अपने मायके पहुंची। रिपोर्टों के अनुसार, इसी दौरान उसने परिवार के सदस्यों को सौरभ के बारे में जानकारी दी। 18 मार्च को पुलिस सौरभ के घर पहुंची, जहां तलाशी के दौरान नीले ड्रम से शव बरामद किया गया। इसी दिन मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी, जिसमें 19 महीने तक सुनवाई चली। मामले में अदालत ने गवाहों के बयान और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों पर विचार करने के बाद दोनों को हत्या का दोषी माना है।
 
14 अक्टूबर को तय होगी सजा
दोषसिद्धि के बाद अब सभी की नजरें 14 अक्टूबर को होने वाली सजा पर टिकी हैं। सौरभ के परिवार ने दोनों दोषियों के लिए अधिकतम संभव सजा की मांग की है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे शुरुआत से ही न्याय की मांग कर रहे हैं और यदि अपेक्षित सजा नहीं मिलती है तो वे कानूनी लड़ाई को आगे सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने के लिए तैयार हैं। सौरभ के भाई राहुल भी पहले कई मौकों पर कह चुके हैं कि परिवार लगातार न्याय के लिए प्रयास कर रहा है। फिलहाल अदालत ने दोनों को दोषी ठहरा दिया है, लेकिन अंतिम सजा पर फैसला अभी बाकी है। 18 मार्च 2025 को शव बरामद होने से शुरू हुआ यह मामला अब 14 अक्टूबर की सजा संबंधी सुनवाई के साथ अगले चरण में पहुंचेगा।