- सड़कें पहले से बदहाल, खुदाई ने बढ़ाई परेशानी

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नागपुर। नागपुर की पहले से गड्ढों से जूझ रही सड़कों पर बारिश के बीच हो रही खुदाई ने नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। मानसून में सड़क खुदाई पर न्यायालय के निर्देश के बावजूद शहर के कई हिस्सों में पाइपलाइन, सीवरेज लाइन, जलापूर्ति मरम्मत और अंडरग्राउंड केबलिंग के नाम पर सड़कें खोदी जा रही हैं। बारिश के कारण खुदाई वाली जगहों पर मिट्टी और कीचड़ जमा हो रहा है, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि लोगों को संभलकर निकलना पड़ रहा है।
एक विभाग बनाता है सड़क, दूसरा फिर कर देता है खुदाई
नागरिकों का आरोप है कि शहर में विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कमी के कारण एक ही सड़क को बार-बार खोदा जा रहा है। एनएमसी, नागपुर सुधार प्रन्यास, पीडब्ल्यूडी और अन्य विभागों की ओर से अलग-अलग योजनाओं के तहत किए जा रहे काम कई बार हाल ही में बनाई या सीमेंटेड की गई सड़कों को भी प्रभावित कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि कुछ सड़कों पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च कर निर्माण या मरम्मत के बाद दोबारा खुदाई कर दी जाती है। इससे सरकारी राशि के दोहराव वाले खर्च और काम की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कीचड़ से कपड़े खराब, फिसल रहे वाहन
स्थानीय नागरिक सानू भगत और अमित चौधरी ने कहा कि बारिश में खुदाई वाली जगहों पर कम दृश्यता के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। वहीं स्कूल जाने वाले मायंक ने बताया कि वाहनों के गुजरने पर कीचड़ उछलकर छात्रों के कपड़े खराब कर देता है। अनिकेत कुट्टारमारे ने कहा कि ढीली और कीचड़युक्त सड़क पर वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। नागरिकों ने मांग की है कि नई बनी सड़कों को दोबारा खोदने की अनुमति देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय हो और विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ मानसून में ऐसे कार्यों पर प्रभावी रोक सुनिश्चित की जाए।