ठेकेदार का मोबाइल भी चुराया, बेचने से पहले आजमशाह चौक से पुलिस ने दबोचा

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नागपुर। ठेकेदार द्वारा मजदूरी का भुगतान रोकने से नाराज कोयला खदान के एक कर्मचारी ने कथित तौर पर दो जिंदा डेटोनेटर और ठेकेदार का मोबाइल फोन चोरी कर लिया। इसके बाद वह जेब में विस्फोटक लेकर ट्रेन से नागपुर पहुंच गया। हालांकि, मोबाइल बेचने की कोशिश करने से पहले ही पुलिस ने उसे आजमशाह चौक से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान छत्तीसगढ़ के बालोद निवासी राजेंद्र रामलाल विश्वकर्मा (35) के रूप में हुई है। वह चंद्रपुर जिले के वरोरा स्थित वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की खदान में काम करता था। मजदूरी नहीं मिलने से नाराज होकर उसने खदान परिसर से डेटोनेटर और मोबाइल चोरी करने की बात सामने आई है।
जेब से मिले दो जिंदा डेटोनेटर
वरोरा पुलिस से सूचना मिलने के बाद नागपुर पुलिस ने चोरी किए गए मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की। इसके आधार पर लकड़गंज पुलिस की टीम ने आजमशाह चौक में जाल बिछाया और मोबाइल फोन एक दुकान पर बेचने की तैयारी कर रहे विश्वकर्मा को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से तीन मोबाइल फोन और दो जिंदा डेटोनेटर बरामद किए गए। इसके बाद बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) को मौके पर बुलाया गया। जांच में दोनों डेटोनेटर सक्रिय और खतरनाक पाए गए। इन्हें सुरक्षित रखने के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (PESO) को सौंप दिया गया।
एटीएस भी जांच में जुटी
जिंदा विस्फोटक लेकर ट्रेन से नागपुर पहुंचने की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां मामले की विस्तृत जांच कर रही हैं। जांच का एक प्रमुख पहलू यह है कि क्या चोरी केवल वेतन विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी थी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी इन डेटोनेटर को किसे सौंपने वाला था। मामले में डीसीपी राहुल मदने के समन्वय में एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने भी समानांतर जांच शुरू कर दी है।