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मुंबई। सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि मुंबई पुलिस अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप चुकी थी, लेकिन हाईकोर्ट को मामले में आगे जांच की जरूरत महसूस हुई। फडणवीस ने मुंबई में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हाईकोर्ट को लगा कि जांच में कुछ और पड़ताल की आवश्यकता है और संभवत: कोई “टेक्निकल” पहलू छूट गया है। इसी वजह से मामले को अब CBI को सौंपने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा, “मुंबई पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट जमा कर दी थी। हालांकि, हाईकोर्ट को लगा कि कुछ और जांच की जरूरत है और कुछ टेक्निकल कमी रह गई हो सकती है। इसलिए मामला CBI को दिया गया है। अब मैं इससे ज्यादा क्या कह सकता हूं?”
पुलिस ने सौंपी थी रिपोर्ट, हाईकोर्ट ने माना आगे जांच जरूरी
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी। वह दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। दिशा की मौत के कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मुंबई के बांद्रा स्थित फ्लैट में मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंधों को लेकर समय-समय पर कई सवाल और दावे सामने आते रहे हैं। इसी मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को CBI को FIR दर्ज कर विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने भी स्पष्ट किया कि सरकार हाईकोर्ट के निर्देश का पालन करेगी और जांच एजेंसी अब मामले के उन पहलुओं की पड़ताल करेगी, जिन्हें अदालत ने आगे जांच के योग्य माना है।
‘फैसला हाईकोर्ट का, इसे राजनीतिक नहीं कह सकते’
महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति सचिन अहीर ने भी मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश पारित किया है और राज्य सरकार उसका पूरी तरह पालन करेगी। अहीर के मुताबिक, मुंबई पुलिस अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट पहले ही सौंप चुकी है। अब यह देखना होगा कि हाईकोर्ट ने किन आधारों पर मामले को CBI को सौंपने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जब फैसला अदालत की ओर से लिया गया है, तो इसे राजनीतिक कार्रवाई नहीं कहा जा सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में पहले या अब किसी भी स्तर पर सरकार की ओर से हस्तक्षेप नहीं किया गया है। सरकार का रुख अदालत के आदेश का पालन करने का है और आगे की कार्रवाई उसी के अनुरूप होगी।
सबूत मिला तो होगी कार्रवाई, नहीं तो आरोपी नहीं बनाया जाएगा
दिशा सालियान के पिता और मामले के याचिकाकर्ता सतीश सालियान की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता निलेश ओझा ने हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए न्याय मिलने की उम्मीद जताई। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने CBI को सतीश सालियान का बयान दर्ज करने, FIR दर्ज करने और जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। साथ ही मालवणी पुलिस स्टेशन को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड CBI को सौंपने को कहा गया है। ओझा ने कहा कि जांच के दौरान जिस किसी के खिलाफ सबूत सामने आएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, लेकिन बिना सबूत किसी को आरोपी नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यदि CBI की ओर से नकारात्मक रिपोर्ट पेश की जाती है, तो याचिकाकर्ता को उस पर आपत्ति दर्ज कराने और प्रोटेस्ट पिटीशन दाखिल करने का अधिकार रहेगा। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश के लिए अदालत का आभार जताया।