निर्भया कांड से दर्दनाक समानता’, दिल्ली-NCR में यौन अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित

    28-Sep-2026
Total Views |
Image Source:(Internet)

एबी न्यूज़ नेटवर्क। दिल्ली-NCR में महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ हालिया यौन अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को गंभीर चिंता जताई। अदालत ने इन घटनाओं का स्वत: संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। जस्टिस जे.बी. पार्डीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मीडिया में सामने आईं कई घटनाओं का संज्ञान लिया, जिनमें लेडी श्रीराम कॉलेज के पास आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी से कथित दुष्कर्म, स्वरूप नगर में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जा रही बस में एक अन्य नाबालिग के साथ यौन उत्पीड़न का मामला शामिल है। पीठ ने कहा कि इन घटनाओं से 2012 के निर्भया मामले की दर्दनाक समानता सामने आती है और सवाल उठता है कि क्या उस घटना से जरूरी सबक सीखे गए हैं।

पार्क, सड़क और बस में घटनाओं पर उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। अदालत ने रेखांकित किया कि सम्मान और हिंसा से मुक्त जीवन का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित मौलिक अधिकार का हिस्सा है। पीठ ने कहा कि पार्क, सड़क और बस जैसे सार्वजनिक स्थान लोगों के लिए सुरक्षित होने चाहिए। अदालत की टिप्पणी में इस बात पर विशेष चिंता जताई गई कि NCR में अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर यौन हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों को कमजोर गश्त और निगरानी की कमी के कारण जोखिम वाले क्षेत्र नहीं बनने दिया जा सकता। मामले में अदालत ने दिल्ली पुलिस से घटनाओं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जवाब मांगा है।

आस्था कुंज में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर भी सवाल
पीठ ने आस्था कुंज पार्क के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्राओं की ओर से क्षेत्र में यौन उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर शिकायतों का उल्लेख किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, इन शिकायतों के बावजूद उन्नत निगरानी व्यवस्था के जरिए सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर नहीं किया जा सका। अदालत ने पुलिस गश्त, निगरानी और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक जवाब मांगा है। स्वत: संज्ञान की इस कार्यवाही के जरिए कोर्ट ने दिल्ली-NCR में महिलाओं और नाबालिगों की सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर दिल्ली पुलिस से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। आगे की सुनवाई में पुलिस की ओर से इन घटनाओं और सुरक्षा उपायों पर जवाब पेश किया जाएगा।