केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर गिरने से 5 साल के बच्चे की मौत, 1500 यात्री रेस्क्यू

    28-Sep-2026
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Kedarnath
 Image Source:(Internet)
 
एबी न्यूज़ नेटवर्क। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ (Kedarnath) यात्रा मार्ग पर रविवार शाम भूस्खलन और लगातार गिरते पत्थरों के कारण बड़ा हादसा हो गया। चिरबासा क्षेत्र में अचानक पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के एटा निवासी रोहताश यादव के बेटे यश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, रविवार 27 सितंबर को शाम करीब 4:39 बजे कंट्रोल रूम को चिरबासा क्षेत्र में भूस्खलन और पत्थर गिरने की सूचना मिली थी। हादसे में बच्चा गंभीर रूप से चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। बाद में शव को पालकी के जरिए जंगलचट्टी स्थित एमआरपी भैरव मंदिर ले जाया गया। हादसे के बाद यात्रियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
 
चिरबासा में रास्ता मलबे से बंद
लगातार पत्थर गिरने और मलबा आने के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग का एक हिस्सा चिरबासा के पास अवरुद्ध हो गया। रास्ते पर आवाजाही जोखिम भरी होने के कारण कई यात्री प्रभावित क्षेत्र में फंस गए। सूचना मिलते ही यात्रा मार्ग पर तैनात बचाव दल मौके पर पहुंचे और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया। जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, शुरुआती कार्रवाई में करीब 1100 यात्रियों को प्रभावित क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। बचाव दल लगातार प्रभावित हिस्से की निगरानी कर रहे थे और यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए विभिन्न टीमों के साथ समन्वय किया जा रहा था।
 
SDRF, NDRF और DDRF ने संभाला मोर्चा
रविवार रात सोनप्रयाग पुलिस को सूचना मिली कि चिरबासा के पास मार्ग के दूसरी ओर बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। यह स्थान गौरीकुंड से करीब 3 किलोमीटर दूर बताया गया। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ सोनप्रयाग की टीम सब-इंस्पेक्टर आशीष डिमरी के नेतृत्व में घटनास्थल के लिए रवाना हुई। चिरबासा हेलीपैड के पास पहुंचने पर टीम को रास्ते में मलबा मिला, जबकि पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे। स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने बेहद सावधानी के साथ यात्रियों को प्रभावित हिस्से से पार कराया। इसके बाद करीब 1500 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया गया और उन्हें गौरीकुंड की तरफ रवाना किया गया।
 
बारिश के बीच लगातार बना हुआ है लैंडस्लाइड का खतरा
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान भी चिरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने का सिलसिला जारी रहा। लगातार बारिश के कारण दोबारा भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में बचाव दल यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित करते हुए प्रभावित हिस्से पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने यात्रियों से धैर्य रखने और रेस्क्यू टीमों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, मौसम और पहाड़ी से गिर रहे मलबे को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में सावधानी बरती जा रही है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर मौजूद यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ ही मार्ग की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। चिरबासा में हुए हादसे के बाद प्रशासन के सामने यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और बारिश के बीच संभावित नए भूस्खलन से बचाव की चुनौती बनी हुई है।