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एबी न्यूज नेटवर्क। दिशा सालियन मौत मामले को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) ने करीब छह साल बाद इस मामले पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि वह दिशा सालियन से कभी नहीं मिले और न ही उन्हें जानते थे। उन्होंने कहा कि पिछले छह साल से कुछ लोग राजनीतिक कारणों, निजी नफरत और चरित्र हनन के लिए जानबूझकर उनका नाम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। आदित्य ने अपने पोस्ट में दावा किया कि उनके और दिशा सालियन के बीच किसी तरह के कनेक्शन का कोई सबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों और सच्चाई के लगातार चलाया जा रहा यह अभियान दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘मीडिया ट्रायल से सच्चाई नहीं बदल सकती’
आदित्य ठाकरे ने अपने पोस्ट में कहा कि टीवी चैनलों पर होने वाली चर्चाओं और मीडिया ट्रायल से सच्चाई नहीं बदल सकती। उन्होंने सरकारी एजेंसियों से अपील की कि मामले की जांच बिना किसी रुकावट, राजनीतिक दखल और चरित्र हनन के निष्पक्ष तरीके से होने दी जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग चरित्र हनन और झूठे प्रचार के जरिए उन्हें चुप कराने की कोशिश कर रहे हैं, वे गलतफहमी में हैं। आदित्य ने लिखा कि सच्चाई के लिए, अन्याय के खिलाफ और देशवासियों के साथ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिशा सालियन की मौत की जांच को लेकर एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग और राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं।
कौन थीं दिशा सालियन?
दिशा सालियन एक सेलिब्रिटी मैनेजर थीं और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के साथ भी काम कर चुकी थीं। जून 2020 में मुंबई के मालाड स्थित एक इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी मौत 8 जून 2020 को हुई थी। इसके छह दिन बाद 14 जून को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हुई। दोनों घटनाओं के बीच समय के अंतर के कारण सोशल मीडिया और राजनीतिक स्तर पर लंबे समय से तरह-तरह के दावे और सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इन दोनों घटनाओं को जोड़कर किए जाने वाले कई दावों को लेकर सार्वजनिक रूप से अलग-अलग मत सामने आते रहे हैं।
FIR में कई नाम, लेकिन कोई आरोपी नहीं
दिशा सालियन की मौत से जुड़े मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद FIR दर्ज की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, FIR में किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामजद नहीं किया गया है। FIR में उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, रोहन रॉय, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती, शौविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह समेत अन्य लोगों के नाम का उल्लेख होने की बात कही गई है। FIR में नाम का उल्लेख होना अपने आप में किसी व्यक्ति को आरोपी या दोषी साबित नहीं करता। मामले में जांच एजेंसियों की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष ही तथ्यों की स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।