- 5,578 मीटर की ऊंचाई पर पार किया परांग ला पास
- 30 दिनों में 250 किमी की चुनौती पूरी

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एबी न्यूज नेटवर्क। लद्दाख के करजोक में बुधवार को ‘अपराजिता-परांग ला 2026’ ऑल इंडिया गर्ल्स हाई एल्टीट्यूड लॉन्ग ट्रैक का सफल समापन हुआ। राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की इस प्रमुख साहसिक गतिविधि में देशभर से चयनित 20 एनसीसी गर्ल कैडेट्स ने करीब 30 दिनों तक चुनौतीपूर्ण उच्च हिमालयी क्षेत्र में ट्रेकिंग की। अभियान के दौरान कैडेट्स ने हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी और लद्दाख के चांगथांग क्षेत्र को जोड़ने वाले 5,578 मीटर ऊंचे परांग ला दर्रे को पार किया। अभियान का फ्लैग-इन एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स और रक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव दीप्ति मोहिल चावला ने करजोक में किया।
हिमनद, बर्फीले मैदान और नदी घाटियों से गुजरा दल
करीब 250 किलोमीटर लंबा यह ट्रेक हिमाचल प्रदेश के किब्बर से शुरू होकर लद्दाख के करजोक तक पहुंचा। पूरे मार्ग में कैडेट्स को ग्लेशियर, बर्फीले मैदान, ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र और नदी घाटियों जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कैडेट्स के साथ अधिकारी, प्रशिक्षक, चिकित्सा दल और अन्य सपोर्ट स्टाफ भी मौजूद रहे। अभियान को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से फ्लैग-ऑफ किया था। एक महीने से अधिक समय तक चले इस अभियान में कैडेट्स ने शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक दृढ़ता और अनुशासन का भी प्रदर्शन किया।
साहस के साथ नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता का संदेश
समापन अवसर पर एनसीसी महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वात्स ने सभी कैडेट्स और अभियान से जुड़े स्टाफ को सफलतापूर्वक ट्रेक पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह की साहसिक गतिविधियां युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास, टीमवर्क और सहनशक्ति विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ‘अपराजिता-परांग ला 2026’ का उद्देश्य युवा महिलाओं की साहसिक गतिविधियों में भागीदारी को प्रोत्साहित करने के साथ उन्हें अत्यधिक ऊंचाई वाले चुनौतीपूर्ण वातावरण का अनुभव देना भी था। देश के अलग-अलग हिस्सों से आई कैडेट्स की सामूहिक भागीदारी ने राष्ट्रीय एकता और विविधता में एकता का संदेश भी दिया।