- नागपुर पुलिस कमिश्नरेट ने जारी किए सख्त निर्देश
- संदिग्ध गतिविधि, फर्जी आईडी और अपराध की आशंका पर तत्काल पुलिस को सूचना देना अनिवार्य

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नागपुर। शहर के OYO होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, होमस्टे और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस आयुक्त विश्वास नांगरे पाटील के हस्ताक्षर से जारी आदेश के तहत अब हर ग्राहक की पहचान की जांच और उसका रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। होटल में कमरा देने से पहले आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट जैसे वैध पहचान पत्र की जांच करनी होगी। इसके साथ ही ग्राहक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र का प्रकार व नंबर और होटल में आने-जाने का समय रजिस्टर या डिजिटल सिस्टम में दर्ज करना होगा। पुलिस का उद्देश्य होटल और लॉज का इस्तेमाल मानव तस्करी, अवैध देह व्यापार, धोखाधड़ी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए होने से रोकना और ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। संदिग्ध गतिविधि, फर्जी पहचान पत्र या किसी अपराध की आशंका होने पर संबंधित पुलिस थाने को तुरंत सूचना देनी होगी।
नाबालिगों को लेकर विशेष सतर्कता
पुलिस ने होटल के प्रवेश द्वार और आवश्यक सार्वजनिक स्थानों पर CCTV कैमरे चालू हालत में रखने के निर्देश दिए हैं। कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 90 दिनों तक सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। जांच के दौरान पुलिस द्वारा फुटेज मांगे जाने पर उसे तत्काल उपलब्ध कराना होगा। CCTV खराब होने पर बिना देरी के उसे ठीक कराना होगा। होटल संचालकों को बिना पंजीकरण या पहचान वाले लोगों को अतिथि के कमरे में जाने की अनुमति देने से पहले विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। कर्मचारियों और स्टाफ की पहचान, निवास और अन्य जरूरी जानकारी का रिकॉर्ड भी अपडेट रखना होगा। नाबालिगों से जुड़े मामलों में भी सभी कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन करना होगा। नाबालिग के ठहरने की अनुमति देने से पहले वैध पहचान और निवास संबंधी जानकारी की जांच कर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
अविवाहित बालिग जोड़े होटल में रह सकते हैं
पुलिस आदेश में अविवाहित जोड़ों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। यदि दोनों व्यक्ति 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं और आपसी सहमति से होटल में साथ ठहरते हैं, तो यह कानूनी है। हालांकि, होटल संचालकों को दोनों की पहचान और उम्र की वैध दस्तावेजों के माध्यम से पुष्टि कर आवश्यक जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज करनी होगी। मानव तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर अपराध, मारपीट, संदिग्ध मौत, आत्महत्या का प्रयास, लापता व्यक्ति या अन्य आपात स्थिति में भी पुलिस को तत्काल सूचना देनी होगी। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। यह आदेश 11 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि से 9 नवंबर 2026 की मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा।