ब्रिटेन में IAF की ऐतिहासिक एंट्री, अब RAF पायलटों को ट्रेनिंग देंगे 3 भारतीय प्रशिक्षक

    12-Sep-2026
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- वेल्स के RAF Valley में पहली बार भारतीय वायुसेना के Qualified Flying Instructors की तैनाती
- भारत-ब्रिटेन रक्षा सहयोग को मिलेगा नया आयाम

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एबी न्यूज़ नेटवर्क।
भारतीय वायुसेना (IAF) ने भारत-ब्रिटेन रक्षा सहयोग के क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। पहली बार भारतीय वायुसेना के तीन Qualified Flying Instructors (QFIs) को ब्रिटेन में रॉयल एयर फोर्स (RAF) के पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए तैनात किया गया है। तीनों भारतीय प्रशिक्षक वेल्स स्थित RAF Valley पहुंचे हैं, जो ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र है। यहां वे RAF के पायलटों को उड़ान प्रशिक्षण देंगे। भारतीय वायुसेना के मीडिया कोऑर्डिनेशन सेंटर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस तैनाती की जानकारी देते हुए इसे भारत-ब्रिटेन रक्षा सहयोग में ‘ऐतिहासिक पहली उपलब्धि’ बताया। IAF के अनुसार, यह कदम दोनों देशों के बीच पेशेवर उत्कृष्टता, आपसी संचालन क्षमता यानी इंटरऑपरेबिलिटी और लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को और मजबूत करेगा।

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संयुक्त अभ्यास से ट्रेनिंग तक बढ़ा सहयोग
भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देश नियमित रूप से उच्चस्तरीय वार्ता, संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्यम से सहयोग बढ़ा रहे हैं। अप्रैल में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन निकोलस पॉवेल के साथ क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की थी और दोनों देशों के मौजूदा रक्षा सहयोग ढांचे की प्रगति की समीक्षा की थी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पॉवेल के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत की। वहीं, पॉवेल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच वार्षिक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक संवाद को लेकर चर्चा हुई। दोनों देशों ने सैन्य प्रशिक्षण को विस्तार देने पर भी जोर दिया है। इसी दिशा में भारतीय QFI को ब्रिटेन की RAF ट्रेनिंग व्यवस्था में शामिल करने की योजना पर पहले सहमति बनी थी।

भारत-यूके रक्षा साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती
पिछले वर्ष अक्टूबर में तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने सैन्य सहयोग को और व्यापक बनाने पर सहमति जताई थी। संयुक्त बयान में भारतीय और ब्रिटिश सशस्त्र बलों के बीच संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के जरिए आदान-प्रदान बढ़ाने की बात कही गई थी। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी मजबूत करने पर प्रतिबद्धता जताई, विशेषकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में। भारत ने ब्रिटेन के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप के पोर्ट कॉल और रॉयल नेवी के भारतीय नौसेना के साथ KONKAN अभ्यास का भी स्वागत किया था। इसके अलावा इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) के तहत रीजनल मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (RMSCE) स्थापित करने की दिशा में भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है। RAF Valley में भारतीय प्रशिक्षकों की तैनाती इसी बढ़ती साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच प्रशिक्षण और पेशेवर अनुभव साझा करने के नए अवसर खोलेगी।