एक साल के इलाज के बाद ‘माधुरी’ हाथी की महाराष्ट्र वापसी, कोल्हापुर के नंदनी मठ जाएगी

    12-Sep-2026
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- वंतारा में हुआ व्यापक उपचार और पुनर्वास
- सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी ने स्वास्थ्य सुधार का किया आकलन

elephant
 Image Source:(Internet)
 
एबी न्यूज़ नेटवर्क। कोल्हापुर की माधुरी हथिनी (Madhuri elephant) एक साल से अधिक समय तक जामनगर स्थित वंतारा में उपचार और पुनर्वास के बाद अब महाराष्ट्र लौटने के लिए तैयार है। तीन दशक से अधिक समय तक कोल्हापुर क्षेत्र में रहने वाली माधुरी को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के चलते विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए वंतारा लाया गया था। यहां पहुंचने के समय वह एडवांस आर्थराइटिस, लंबे समय से चली आ रही फुट रॉट और चलने-फिरने में गंभीर परेशानी से जूझ रही थी। बताया गया कि लंबे समय तक सीमित आवाजाही और कठोर कंक्रीट सतहों पर रहने के कारण उसके पैरों और जोड़ों पर प्रतिकूल असर पड़ा था। वंतारा में पशु चिकित्सकों, केयरगिवर्स, न्यूट्रिशनिस्ट और व्यवहार विशेषज्ञों की टीम ने उसके लिए विशेष पुनर्वास कार्यक्रम तैयार किया।
 
हाइड्रोथेरेपी, लेजर थेरेपी से पैरों और गतिशीलता में सुधार
माधुरी के उपचार में उसकी गतिशीलता और पैरों की सेहत सुधारने पर विशेष ध्यान दिया गया। उसे हाइड्रोथेरेपी, लेजर थेरेपी और विशेष फुट केयर दी गई। इसके साथ ही उसकी जरूरत के अनुसार पोषण योजना तैयार की गई और नियमित रूप से स्वास्थ्य व उपचार की प्रगति की निगरानी की गई। वंतारा के अनुसार, माधुरी लंबे समय तक जंजीरों से बंधी रही, जिससे उसकी प्राकृतिक गतिविधियां सीमित हुईं और जोड़ों में जकड़न तथा चलने-फिरने की समस्या बढ़ी। इसके बावजूद उससे त्योहारों और सार्वजनिक जुलूसों में भी हिस्सा लेने के लिए लंबी दूरी तक चलवाया जाता था। गर्म डामर की सड़कों पर रस्सियों से बांधकर चलने की वजह से भी उसके पैरों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। उपचार के दौरान इन पुरानी समस्याओं को नियंत्रित करने के साथ उसकी चलने की क्षमता को बेहतर बनाने पर काम किया गया।
 
शारीरिक इलाज के साथ भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी दिया ध्यान
माधुरी का पुनर्वास केवल शारीरिक उपचार तक सीमित नहीं रहा। वर्षों तक बंधन और सीमित गतिविधियों के कारण उसके भावनात्मक और व्यवहारिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया गया। वंतारा में उसे अन्य हाथियों के साथ रहने और सामाजिक संपर्क बनाने का अवसर मिला। केंद्र के अनुसार, माधुरी ने वहां मौजूद अन्य हाथियों के साथ मजबूत जुड़ाव विकसित किया और उनके साथ रहना पसंद किया। इस सामाजिक वातावरण को उसके पुनर्वास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया। अनंत अंबानी के मार्गदर्शन में वंतारा की बहु-विषयक टीम ने उसके उपचार, दैनिक देखभाल, पोषण और व्यवहार संबंधी जरूरतों पर लगातार काम किया। एक साल से अधिक समय के इस पुनर्वास के दौरान उसके स्वास्थ्य में सुधार का नियमित आकलन किया गया।

हाई पावर कमेटी की मंजूरी के बाद महाराष्ट्र लौटेगी माधुरी
माधुरी की महाराष्ट्र वापसी सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त हाई पावर कमेटी (HPC) के स्वास्थ्य आकलन के बाद हो रही है। कमेटी ने उसके स्वास्थ्य में हुए सुधार की समीक्षा की, जिसके बाद गुजरात से महाराष्ट्र स्थानांतरण के लिए आवश्यक मंजूरी और ट्रांजिट परमिट जारी किए गए। वंतारा के अनुसार, स्वास्थ्य और रिकवरी की समीक्षा के बाद माधुरी को वापस लौटने के लिए फिट घोषित किया गया है। अब उसे विशेष रूप से तैयार हाथी एंबुलेंस से कोल्हापुर के नंदनी मठ ले जाया जाएगा। यात्रा के दौरान वंतारा की पशु चिकित्सा और देखभाल टीम उसके साथ रहेगी, ताकि रास्ते में उसकी मेडिकल निगरानी, आराम और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। तीन दशक से अधिक समय तक नंदनी मठ में रहने के बाद माधुरी का लौटना उसके पुनर्वास के अगले चरण की शुरुआत होगी।