वांगचुक जैसा जरांगे के साथ किया तो परिणाम भुगतने होंगे’: अभिजीत दीपके की सरकार को चेतावनी

    12-Sep-2026
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- अंतरवाली सराटी पहुंचकर जरांगे पाटिल से की मुलाकात
- 15 मांगों को लेकर आंदोलन जारी

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एबी न्यूज़ नेटवर्क। मराठा आरक्षण आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। कोकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जालना के अंतरवाली सराटी पहुंचकर आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल से मुलाकात की और उनके आंदोलन को समर्थन दिया। जरांगे पाटिल 29 अगस्त से अपनी 15 मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। आरक्षण समेत इन मांगों को लेकर मराठा समाज और राज्य सरकार के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। दीपके ने कहा कि सरकार को आंदोलन को दबाने के बजाय जरांगे पाटिल से तत्काल बातचीत करनी चाहिए और सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

‘जबरन हटाने की कोशिश हुई तो महाराष्ट्र से पहुंचेंगे लोग’
जरांगे पाटिल से मुलाकात के बाद दीपके ने राज्य सरकार को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जरांगे को आंदोलन स्थल से जबरन हटाने की कोशिश की और उनके साथ वैसा ही व्यवहार किया गया, जैसा दिल्ली पुलिस द्वारा अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ किया गया था, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। दीपके ने कहा कि सरकार को यह नहीं समझना चाहिए कि आंदोलनकारी को बलपूर्वक हटाकर मामला खत्म किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि ऐसी किसी कार्रवाई की स्थिति में महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग अंतरवाली सराटी पहुंचकर जरांगे के समर्थन में खड़े होंगे। उन्होंने सरकार से टकराव बढ़ाने के बजाय संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की।

शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर भी उठाए सवाल
दीपके ने कहा कि मराठा समाज के आंदोलन का एक महत्वपूर्ण पक्ष युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने से जुड़ा है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं और करियर के पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है। उन्होंने महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की परीक्षा की तैयारी कर रहे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की परेशानियों का भी उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने प्रथमेश देशमुख के मामले का हवाला देते हुए कहा कि जरांगे पाटिल की मांगों के पीछे ऐसे ही युवाओं के भविष्य और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों को केवल आरक्षण के नजरिए से नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से जोड़कर देखना चाहिए।

सरकार का दावा- अधिकांश मांगों पर हो चुका है काम
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि जरांगे पाटिल की कई मांगों पर पहले ही महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने अधिकांश मांगें पूरी कर दी हैं और उठाए गए कदमों का लाभ व्यापक स्तर पर मराठा समाज को मिलेगा। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल भी पहले कह चुके हैं कि सरकार ने मराठा समाज के लिए कई अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। इनमें पात्र मराठा युवाओं को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में शामिल होने के लिए कुनबी प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाना भी शामिल है। सरकार के अनुसार, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग (SEBC) कोटे के माध्यम से अब तक 3.5 लाख से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल चुका है। ऐसे में आंदोलन के बीच सरकार और जरांगे गुट के बीच बातचीत और समाधान की दिशा पर सभी की नजर बनी हुई है।