चीन में बड़ा सैन्य फेरबदल, जनरल झाओ जोंगकी को अहम पदों से हटाया

    29-Aug-2026
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गलवान और डोकलाम के दौरान संभाली थी वेस्टर्न थिएटर कमांड की जिम्मेदारी

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एबी न्यूज़ नेटवर्क। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व वाली सरकार ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के वरिष्ठ जनरल झाओ जोंगकी को प्रमुख पदों से हटा दिया है। 29 अगस्त को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, झाओ की चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस (CPPCC) की सदस्यता समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही उन्हें दो अन्य पदों से भी हटा दिया गया है। झाओ उस समय सुर्खियों में आए थे, जब वे PLA की वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख थे। यह कमांड तिब्बत और शिनजियांग के साथ भारत से लगी चीन की सीमा के बड़े हिस्से में सैन्य अभियानों की जिम्मेदारी संभालती है। झाओ के कार्यकाल के दौरान 2017 में डोकलाम गतिरोध और 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन तनाव सामने आया था।

डोकलाम से गलवान तक, भारत के साथ टकराव के दौरान रहे कमांडर
झाओ जोंगकी 2017 में वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख थे, जब भारत और चीन की सेनाओं के बीच डोकलाम में 72 दिनों तक गतिरोध चला था। इसके बाद मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर तनाव बढ़ा। इसी दौरान 15 जून 2020 को गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस टकराव में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए थे। रिपोर्टों के मुताबिक, झाओ के कार्यकाल में PLA ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के कई क्षेत्रों में सैनिकों की तैनाती बढ़ाई थी। गलवान की घटना में दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच पत्थरों, डंडों और अन्य अस्थायी हथियारों से झड़प हुई थी। इस घटना के बाद भारत-चीन संबंधों में लंबे समय तक तनाव बना रहा।

‘भारत को सबक सिखाने’ की योजना को मंजूरी देने का आरोप
झाओ को हटाए जाने के बीच उनका नाम एक पुराने अमेरिकी खुफिया आकलन को लेकर भी चर्चा में है। 2020 में ANI ने अमेरिकी इंटेलिजेंस असेसमेंट के हवाले से दावा किया था कि झाओ ने गलवान में कार्रवाई को मंजूरी दी थी और इसका उद्देश्य भारत को ‘सबक सिखाना’ था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी। चीन में यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब शी जिनपिंग सरकार सैन्य और राजनीतिक संस्थानों में भ्रष्टाचार व अनुशासनात्मक उल्लंघनों के खिलाफ अभियान चला रही है। इससे पहले वरिष्ठ जनरल झांग यौक्सिया और लियू झेनली को भी गंभीर अनुशासनात्मक और कानूनी उल्लंघनों के आरोपों के बीच केंद्रीय सैन्य आयोग से हटाया गया था। झाओ को प्रमुख पदों से हटाया जाना चीन की सैन्य व्यवस्था में जारी बड़े फेरबदल का संकेत माना जा रहा है।