गुजरात की खिजड़िया वेटलैंड में ‘खामोश’ सारस की शानदार पैरेंटिंग, सभी चूजों ने भरी उड़ान

    29-Aug-2026
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चार प्रजनन जोड़ों ने सफलतापूर्वक पाले चूजे, दुर्लभ पक्षी के संरक्षण की उम्मीद बढ़ी

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एबी न्यूज़ नेटवर्क। गुजरात के जामनगर के पास स्थित खिजड़िया वेटलैंड में दुर्लभ ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क (काली गर्दन वाला सारस) ने इस साल शानदार प्रजनन सफलता दर्ज की है। इस मौसम में यहां मौजूद चारों प्रजनन जोड़ों के सभी चूजे सुरक्षित रूप से बड़े हुए और उड़ान भरने में सफल रहे। पक्षी विशेषज्ञों के लिए यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क दुनिया के दुर्लभ और बेहद सतर्क पक्षियों में गिना जाता है। करीब पांच फीट ऊंचे इस पक्षी की आवाज भी बेहद अनोखी है। यह सामान्य पक्षियों की तरह चहचहाने या चीखने के बजाय अपनी चोंच को तेजी से बजाकर संवाद करता है। इसकी एक खास पहचान यह भी है कि नर की आंखें गहरे रंग की, जबकि मादा की आंखें पीले रंग की होती हैं।

320 घंटे की निगरानी में सामने आई प्रजनन की सफलता
खिजड़िया को अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर वेटलैंड साइट का दर्जा प्राप्त है और यह क्षेत्र अब इस दुर्लभ प्रजाति के लिए सुरक्षित प्रजनन स्थल के रूप में उभर रहा है। गुजरात की GEER फाउंडेशन के शोधकर्ताओं की Journal of Threatened Taxa में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, जुलाई 2024 से मार्च 2025 तक करीब 320 घंटे तक दूरबीन से निगरानी की गई। इस दौरान वेटलैंड में अधिकतम 21 ब्लैक-नेक्ड स्टॉर्क देखे गए। चारों प्रजनन जोड़ों ने सफलतापूर्वक अपने चूजों को उड़ने लायक बनाया। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब दुनिया भर में वेटलैंड लगातार सिकुड़ रहे हैं और दुर्लभ पक्षियों के लिए सुरक्षित प्रजनन स्थल कम हो रहे हैं, ऐसे में खिजड़िया की यह सफलता संरक्षण की नई उम्मीद जगाती है।