क्लोरीन गैस लीक मामला! गोधनी में हवा हुई सुरक्षित, MPCB ने कहा- वातावरण में अब नहीं है खतरनाक गैस

    28-Aug-2026
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- क्लोरीन लीकेज के बाद AQI 50 से नीचे

Chlorine gas leak
 Image Source:(Internet)
 
नागपुर। गोधनी (Godhani) स्थित जलशुद्धिकरण संयंत्र में इस सप्ताह की शुरुआत में हुए क्लोरीन गैस रिसाव के बाद अब क्षेत्र की वायु गुणवत्ता सामान्य और सुरक्षित स्तर पर लौट आई है। महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB) ने ताजा निरीक्षण के बाद बताया कि वातावरण में किसी भी प्रकार की खतरनाक गैस नहीं पाई गई। MPCB की क्षेत्रीय अधिकारी हेमा देशपांडे ने बताया कि विभाग की टीम जलशुद्धिकरण संयंत्र और आसपास के क्षेत्र की रोजाना निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में वातावरण में कोई खतरनाक गैस मौजूद नहीं है और एम्बिएंट एयर क्वालिटी भी निर्धारित मानकों के भीतर है। बुधवार को गोधनी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 50 से नीचे दर्ज हुआ, जिसे ‘अच्छी’ श्रेणी माना जाता है। वहीं क्लोरीन रिसाव वाले दिन AQI 70 से अधिक पहुंच गया था, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है।
 
भविष्य के रिसाव पर नजर रखने सेंसर लगाने की सिफारिश
MPCB ने प्रशासन को जलशुद्धिकरण संयंत्र में क्लोरीन सेंसर लगाने की सिफारिश की है। सेंसर भविष्य में गैस रिसाव होने पर शुरुआती चेतावनी देने में मदद करेंगे। इसके अलावा संयंत्र परिसर और आसपास नियमित रूप से पानी का छिड़काव जारी रखने की सलाह दी गई है, ताकि गैस के किसी भी अवशिष्ट प्रभाव को कम किया जा सके। सोमवार आधी रात के कुछ समय बाद जीवन प्राधिकरण द्वारा संचालित जलशुद्धिकरण संयंत्र में 900 किलोग्राम क्षमता वाले सिलेंडर से क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ था। घटना के बाद कम से कम 56 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना के 48 घंटे बाद भी स्थानीय नागरिकों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की। कुछ लोगों ने लिक्विड क्लोरीन की जगह क्लोरीन पाउडर के इस्तेमाल का सुझाव दिया है। साथ ही संयंत्र के रखरखाव को लेकर ठेकेदार पर भी सवाल उठाए गए हैं।
 
बढ़ती आबादी के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता
स्थानीय नागरिकों के अनुसार संयंत्र पहले नाग मंदिर के पास पहाड़ी पर स्थित था, लेकिन आसपास के लोगों के विरोध के बाद इसे वर्तमान स्थान पर स्थानांतरित किया गया। इसके बाद संयंत्र के आसपास तेजी से आवासीय विकास हुआ है। ऐसे में भविष्य में गैस रिसाव जैसी घटना होने पर बड़ी आबादी के प्रभावित होने की आशंका को लेकर चिंता जताई जा रही है। हालिया रिसाव के बाद क्षेत्र में पेड़ों की पत्तियां पीली पड़ने और पौधों के मुरझाने की शिकायतें सामने आईं। कुछ नागरिकों ने घरों के बाहर रखे सामान, वाहनों और कपड़ों पर भी गैस के प्रभाव की बात कही। कई लोगों ने घरों के अंदर भी कुछ समय तक तेज क्लोरीन की गंध महसूस होने की शिकायत की। हालांकि MPCB के ताजा निरीक्षण में वातावरण को निर्धारित मानकों के भीतर पाया गया है, स्थानीय लोगों की मांग है कि भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए संयंत्र की सुरक्षा और रखरखाव व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।