90 साल पुराने जवाहर विद्यार्थी गृह का होगा कायाकल्प, बनेगा 12 मंजिला हॉस्टल कॉम्प्लेक्स

    28-Aug-2026
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- छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग आवासीय ब्लॉक

Jawaharlal Vidyarthi Grih 
नागपुर। सिविल लाइंस स्थित 90 साल पुराने जवाहर विद्यार्थी गृह (Jawaharlal Vidyarthi Grih) के परिसर में अब आधुनिक सुविधाओं से युक्त 12 मंजिला हॉस्टल कॉम्प्लेक्स विकसित किया जाएगा। जवाहर विद्यार्थी गृह सोसायटी के अध्यक्ष शेखर सावारबांधे ने बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रस्तावित पुनर्विकास योजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए परिसर में छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग आवासीय ब्लॉक बनाए जाएंगे। प्रत्येक ब्लॉक में 240 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी। प्रस्तावित परिसर में विद्यार्थियों को बेहतर आवास के साथ अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गंगाधर कचोरे ने बताया कि जवाहर विद्यार्थी गृह वर्ष 1935 से विद्यार्थियों की सेवा कर रहा है। वर्तमान में संस्था के पास सिविल लाइंस में 2.36 एकड़ क्षेत्रफल का परिसर है, जहां हॉस्टल और पुस्तकालय संचालित हो रहे हैं।
 
ई-लाइब्रेरी से लेकर कैंटीन तक होंगी सुविधाएं
प्रस्तावित 12 मंजिला परिसर में विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें ई-लाइब्रेरी, अध्ययन कक्ष, सामुदायिक सभागृह, कैंटीन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा प्रशासनिक कार्यालय के लिए भी स्थान निर्धारित किया गया है। सोसायटी का कहना है कि नए परिसर का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है। उपाध्यक्ष नरेंद्र दिवटे ने बताया कि पुनर्विकास से संबंधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपी गई है। प्रस्तावित परियोजना का वास्तुशिल्प कार्य भिवगडे एंड एसोसिएट्स द्वारा किया जाएगा।
 
सरकारी नियमों के अनुसार होंगे प्रवेश
सोसायटी पदाधिकारियों के अनुसार पुनर्विकसित हॉस्टल में विद्यार्थियों को प्रवेश सरकारी नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार दिया जाएगा। संस्था ने कहा कि परियोजना के पूरा होने के बाद अधिक संख्या में विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ आवास उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रस्टी अनिल साखरकर, सुखदेव वंजारी, कृष्णा घुगुगस्कर और नंदकिशोर थोटे सहित सोसायटी के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। 1935 से विद्यार्थियों के लिए कार्यरत जवाहर विद्यार्थी गृह का यह प्रस्तावित पुनर्विकास संस्थान को आधुनिक स्वरूप देने के साथ आने वाले वर्षों में छात्र सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।