- 900 किलो के क्लोरीन टैंक में रिसाव की आशंका
- 12 मरीज डिस्चार्ज, चार नाबालिग भी भर्ती, सभी की हालत स्थिर
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नागपुर। नागपुर के कलेक्टर कॉलोनी के पास गोधनी (Godhani) इलाके में रविवार और सोमवार की दरमियानी रात पानी शुद्धिकरण संयंत्र (Water Treatment Plant) में क्लोरीन गैस के रिसाव से हड़कंप मच गया। गैस के प्रभाव में आने से आसपास रहने वाले कई लोगों को सांस लेने में परेशानी और घुटन की शिकायत हुई। इसके बाद प्रभावित लोगों को तत्काल उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (मायो) और आसपास के निजी अस्पतालों में ले जाया गया। घटना के बाद कुल 52 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल हैं। सोमवार तक 12 मरीजों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि बाकी मरीजों की हालत स्थिर बताई गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल सक्रिय हो गए तथा प्रभावित क्षेत्र में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया।
प्लांट के पास सुबह तक बनी रही क्लोरीन की गंध
सोमवार सुबह मौके पर पहुंचने पर पानी संयंत्र के आसपास क्लोरीन की तेज गंध महसूस की गई। हालांकि स्थिति नियंत्रण में थी और क्षेत्र में गैस की सांद्रता धीरे-धीरे कम हो रही थी। रिसाव वाले क्षेत्र को सुरक्षित रखने के साथ ही आसपास के लोगों को वहां से हटाया गया। ऑरेंज सिटी वाटर वर्क्स (OCW), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और नागपुर महानगरपालिका (NMC) की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। टीमों ने प्रभावित क्षेत्र से लोगों को बाहर निकालने के साथ रिसाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए। सोमवार सुबह भी मौके पर अभियान जारी था। बचाव कार्य के दौरान OCW की टीम ने SCBA यानी सेल्फ-कंटेन्ड ब्रीदिंग अपरेटस का इस्तेमाल कर गैस रिसाव को नियंत्रित करने में सहायता की।
छह महीने से रखा था 900 किलो का टैंक
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संयंत्र परिसर में करीब 900 किलो क्षमता का क्लोरीन टैंक लगभग छह महीने से रखा हुआ था। आशंका है कि टैंक की दीवार में रिसाव होने के कारण क्लोरीन गैस बाहर निकलने लगी। हालांकि गैस रिसाव की वास्तविक वजह क्या थी और टैंक में किस परिस्थिति में लीकेज हुआ, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। OCW अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिस जल संयंत्र में यह घटना हुई, वह गोधनी ग्राम पंचायत द्वारा संचालित है और यह NMC या OCW के संचालन वाला प्लांट नहीं है। इसके बावजूद आपात स्थिति की सूचना मिलने पर OCW की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य में सहयोग किया। पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय (DISH) के अधिकारियों ने भी OCW कर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया और सहायता की सराहना की।
पुलिस ने दर्ज की स्टेशन डायरी, अभी FIR नहीं
मानकापुर पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक हरेश कालसेकर ने बताया कि घटना के संबंध में स्टेशन डायरी में एंट्री की गई है। फिलहाल किसी के खिलाफ अपराध दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस मामले की जांच करेगी और रिसाव के कारणों तथा घटना की परिस्थितियों का पता लगाएगी। घटना का असर मुख्य रूप से जल संयंत्र के आसपास के इलाके तक सीमित दिखाई दिया। गोधनी रोड पर आगे की ओर सुबह लोग और मॉर्निंग वॉकर सामान्य रूप से अपनी दिनचर्या में नजर आए। मौके पर स्थिति नियंत्रण में आने के बाद लोगों में किसी बड़े खतरे को लेकर दहशत नहीं दिखी। प्रशासन और बचाव दल की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
सोशल मीडिया पर जानवरों की मौत के वीडियो, पुष्टि बाकी
घटना के बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी प्रसारित हुए, जिनमें प्रभावित इलाके में आवारा कुत्तों के मृत पाए जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इन जानवरों की मौत क्लोरीन गैस रिसाव के कारण ही हुई, इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और पुलिस की जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की हालत स्थिर बताई गई है और गैस की सांद्रता में कमी आने की जानकारी है। प्रशासन की टीमें क्षेत्र की निगरानी कर रही हैं, जबकि पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 900 किलो के क्लोरीन टैंक में रिसाव किस कारण हुआ और घटना के लिए जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।