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नागपुर। महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग ने समयसीमा में संशोधन किया है। अब राज्य की अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर के बजाय 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी। महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से समय बढ़ाने के अनुरोध के बाद 19 अगस्त को आयोग ने संशोधित कार्यक्रम जारी किया। इसके तहत चुनाव अधिकारियों को मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था का काम 24 अगस्त तक पूरा किया जाएगा। इसके बाद 31 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
दावे-आपत्तियों के लिए अब 29 अक्टूबर तक मौका
नई समयसीमा में मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए भी अधिक समय दिया गया है। यह प्रक्रिया अब 31 अगस्त से 29 अक्टूबर तक चलेगी। पहले इसके लिए 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक की अवधि निर्धारित थी। यानी मतदाताओं और संबंधित पक्षों को अपनी जानकारी में संशोधन, नाम जुड़वाने या किसी तरह की आपत्ति दर्ज कराने के लिए करीब एक माह अतिरिक्त समय मिलेगा। चुनाव आयोग के अनुसार, संशोधित कार्यक्रम का उद्देश्य दावे-आपत्तियों की जांच और उनके निस्तारण के लिए अधिकारियों को पर्याप्त समय उपलब्ध कराना है। साथ ही प्राप्त दस्तावेजों और मतदाता संबंधी जानकारी की जांच के बाद अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी इसी अवधि में पूरी की जाएगी।
17 अगस्त को पूरा हुआ घर-घर सत्यापन अभियान
महाराष्ट्र में SIR के तहत मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना और दस्तावेज एकत्र करने का अभियान 17 अगस्त को पूरा हो चुका है। इस दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से एन्यूमरेशन फॉर्म और आवश्यक जानकारी एकत्र की। इससे पहले आयोग ने अधिकारियों को अभियान पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया था। अब एकत्रित जानकारी की जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की जाएगी। संशोधित कार्यक्रम के चलते महाराष्ट्र की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन मूल निर्धारित तारीख 7 अक्टूबर से लगभग एक महीने आगे बढ़कर 4 नवंबर को होगा।